कैंसर क्या है कैंसर के लक्षण और कैंसर का इलाज

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आज हम एक ऐसी बिमारी के बारे मे बता रहे है जो खतरनाक और बड़ी बिमारी है। इसके नाम से ही लोग घबरा जाते है। आज हम इसके बारे मे जानकारी देगे । कैंसर जानलेवा बीमारी है। कैंसर के मरीज जल्दी ठीक नही होते हैं क्योंकि इसके लक्षणों
का पता देर से चलता है। कैंसर के विभिन्न प्रकार, सर्वाइकल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, स्तन कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, एसोफैगल कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, बोन कैंसर ब्लड कैंसर, आदि के बारे में जानिए इस केटेगरी में। इसका सही समय पर सही इलाज होना चाहिए। अगर सही से इलाज न हो तो खतरा पैदा हो जाता है ।इलाज के बावजूद कैंसर के फिर से होने का जोखिम बना रहता है। कीमोथैरेपी से कई बार कैंसर कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट नहीं होती हैं।

कैंसर के दौबारा से हो जाने के कई अलग-अलग कारण हो सकते है।
 



 

कैंसर के लक्षण

-पेशाब में आनेवाले ख़ून
-ख़ून की कमी की बिमारी अनीमिया
-पखाने में आनेवाला ख़ून
-खांसी के दौरान ख़ून का आना
-स्तन में गाँठ
-कुछ निगलने में दिक़्कत होना
-मीनोपॉस के बाद ख़ून आना
-प्रोस्टेट के परीक्षण के असामान्य परिणाम और भी कई लक्षण दिखाई देते है ।
 

कैंसर रिसर्च यूके का ये भी कहना है कि “अगर आपको कैंसर के ये लक्षण नज़र आएँ तो आप तुरंत इसकी जाँच करवाएँ.कैंसर का पता अगर शुरुआती दौर में चल जाए तो इसके इलाज़ के सफल होने की संभावना ज़्यादा होती है। जब किसी व्यक्ति को कैंसर रोग हो जाता है तो उस व्यक्ति के मलमूत्र की आदत में काफी अन्तर आ जाता है।
 




 

कैंसर होने के मुख्य कारण

-उम्र का ब़ढ़ना
-किसी भी प्रकार का इरिटेशन
-तम्बाकू का सेवन
-विकिरणों का प्रभाव
-आनुवांशिकता
– शराब का सेवन
– इन्फेक्शन
– मोटापा और भी कई कारण होते है ।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका मरीज के सामान्य स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पडता है. इतना ही नहीं, कैंसर के इलाज के चलते मरीज के आहार पर भी बुरा असर पडता है. इलाज पूरी तरह असरदार हो, इसके लिए जरूरी है कि आहार में कुछ सावधानियां
बरती जाएं.

-कैंसर में हो जाती है पोषण की कमी
कैंसर कई तरह से मरीज के आहार पर बुरा प्रभाव डालती है. आम तौर पर कैंसर के मरीजों की भूख मिट जाती है. यह सबसे सामान्य समस्या है. इसके परिणामस्वरूप आहार की मात्रा और आवश्यक पोषक पदार्थो जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और खनिज
लवण आदि की कमी आ जाती है.

-कैंसर के बहुत से मरीजों का आहार इसलिए भी कम हो जाता है,
क्योंकि बीमारी उनके पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों जैसे इसोफैगस, पेट, छोटी या बडी आंत, लीवर, गाल ब्लैडर या पैंक्रियाज को प्रभावित कर देती है.

कैंसर के दौरान क्या खाएं –
ऐसे मरीजों को पोषक आहार लेना चाहिए कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार एक अच्छा उपाय
है.अनाज, फल एवं साग-सब्जियां मसलन आलू कार्बोहाइड्रेट के अच्छे स्रोत हैं. मीठे खाद्य पदार्थ भी कार्बोहाइड्रेट के स्रोत होते हैं. हालांकि इनका सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए और डायबिटीज की समस्या से पीडित लोगों को इनसे परहेज
करना चाहिए.

-प्रोटीन
मांसपेशियों के विकास और काम के लिए ऊर्जा प्राप्त करने के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है. इसके अलावा घाव भरने, बीमारी से लडने और खून का थक्का जमने आदि विभिन्न शारीरिक क्रियाओं के लिए भी प्रोटीन अनिवार्य है. अंडा, मीट, मसूर की दाल, मटर, बींस, सोया और नट्स आदि प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं.
 

 

विटमिंस व मिनरल्स
ऐसे मरीजों में विटमिंस और मिनरल्स की कमी आम समस्या है, क्योंकि इन दोनों तत्वों की मांग अधिक और आपूर्ति कम होती है. इसलिए उचित आहार के साथ बेहतर पोषण के लिए विटमिन और मिनरल की अतिरिक्त खुराक जरूरी है. तरल पदार्थ कैंसर के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना जरूरी है.तली-भुनी, बहुत मसालेदार या फिर अधिक ठोस आहार न लें. कम मात्रा में अधिक बार खाने से पाचन आसान हो जाता है और पेट भी भारी नहीं लगता.। ऐसे मरीजो को खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए इससे जल्दी ठीक होने मे मदद मिलेगी ।

कैंसर में क्या होता है –
हमारे शरीर की सबसे छोटी यूनिट सेल (कोशिका) है। शरीर में 100 से 1000 खरब सेल्स होते हैं। हर वक्त ढेरों सेल पैदा होते रहते हैं और पुराने व खराब सेल खत्म भी होते रहते हैं। लेकिन कैंसर में यह संतुलन बिगड़ जाता है। उनमें सेल्स की बेलगाम बढ़ोतरी होती रहती है। गलत लाइफस्टाइल और तंबाकू, शराब जैसी चीजें किसी सेल के
जेनेटिक कोड में बदलाव लाकर कैंसर पैदा कर देती हैं। कैंसर सेल अपने जैसे सेल बेतरतीब तरीके से पैदा करता जाता है। वे सही सेल्स के कामकाज में रुकावट डालने लगते हैं। कैंसर सेल एक जगह टिककर नहीं रहते। वे शरीर में किसी दूसरी जगह जमकर वहां भी अपने तरह के बीमार सेल्स का ढेर बना डालते हैं और उस अंग के कामकाज में भी रुकावट आने लगती है। इन अधूरे बीमार सेल्स का समूह ही कैंसर है।
अर्थात कैंसर एक बेकाबू व हद से ज्यादा कोशिकाओं के अधिक बढ़ने वाली घातक बीमारी है।

कैंसर के लिए अच्छा भोजन-
अनेक शोधकार्यों के बाद पता चला है कि भोजन में पाया जानेवाला रसायन ‘बीटा केरोटीन’ कैंसर को नष्ट कर देता है। यह रसायन साबुत दालों, पत्तागोभी, फूलगोभी, गाजर, नीबू व मौसमी जैसे फलों में बहुतायत से पाया जाता है। अत: कैंसर के रोगियों को इन फलों व सब्जियों का व्यापक सेवन करना चाहिए।
 

 
भोजन जो कैंसर के लिए अच्छा नही –
शोध से यह भी पता चला है कि तलकर तैयार किया भोजन कैंसर उत्पन्न करता है। अनुसंधानों की रिपोर्ट के अनुसार जब भोजन को तला जाता है तो उसमें‘पायरोलाइसेट्स’ नामक रसायन उत्पन्न हो जाता है, जिससे कैंसर को बढ़ावा मिलता है। अत: चटपटा व
तला भोजन अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए ।

कैंसर में क्या पीये-
कैंसर रोग से पीड़ित रोगी का उपचार करने के लिए रस का भी प्रयोग करना चाहिए ।

-कैंसर रोग का उपचार करने के लिए रोगी व्यक्ति को नींबू के रस का पानी पीकर उपवास रखना चाहिए और इसके बाद कुछ दिनों तक केवल अंगूर का रस पीना चाहिए।
-कैंसर रोग से पीड़ित रोगी यदि 6 महीने तक अंगूर का रस लगतार पीए तो उसे बहुत अधिक लाभ होता है।
-इस रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकार के फलों के रस हैं जिसे पीकर कुछ दिनों तक उपवास रखे तो कैंसर रोग ठीक हो सकता है ये रस इस प्रकार हैं- संतरे का रस, नारियल पानी, अनन्नास का रस, गाजर का रस, तुलसी के पत्तों का रस, दूब का रस,
गेहूं के ज्वारे का रस, पालक का रस, टमाटर का रस, पत्तागोभी का रस, पुदीने का रस, खीरे का रस, लौकी का रस, पेठे का रस तथा हरी सब्जियों का रस।

और भी कुछ – इस रोग से पीड़ित रोगी को भोजन में बिना पके हुए खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए जैसे- हरी सब्जियां, कच्चा नारियल पानी, अंकुरित अन्न, भीगी हुई किशमिश, मुनक्का, अंजीर तथा सभी प्रकार के मौसम के ताजा फल आदि। कैंसर रोग से पीड़ित रोगी यदि प्रतिदिन 1 ग्राम हल्दी खाए तो उसका यह रोग ठीक हो जाता है।

इलाज -1 चम्मच तुलसी का रस तथा 1 चम्मच शहद को सुबह के समय चाटने से कैंसर रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
-नीम तथा तुलसी के 5-5 पत्ते प्रतिदिन खाने से कैंसर रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
-गले के कैंसर को ठीक करने के लिए छोटी हरड़ का टुकड़ा दिन में 2 बार भोजन करने के बाद चूसने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
-पेट पर गर्म ठण्डा सेंक करने के बाद मिट्टी की पट्टी करें तथा इसके बाद एनिमा क्रिया करें इससे कैंसर रोग में बहुत अधिक लाभ मिलता है। इस प्रकार से रोगी का उपचार करने के बाद रोगी को 5-10 मिनट तक कटिस्नान करना चाहिए। फिर सप्ताह में 2 बार शरीर की चादर लपेट तथा सप्ताह में एक बार पूरे शरीर पर भाप से स्नान करना चाहिए। इस प्रकार से रोगी व्यक्ति यदि अपना उपचार कुछ दिनों तक करता है तो कैंसर
रोग ठीक होने लगता है।
-कैंसर रोग से पीड़ित रोगी को थोड़े समय के लिए प्रतिदिन नंगे बदन धूप में अपने शरीर की सिंकाई करनी चाहिए। इससे रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है और उसका रोग ठीक होने लगता है।
-रोगी के जिस अंग पर सूजन तथा दर्द हो रहा हो उस पर बर्फ के पानी की ठंडी पट्टी रखने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
-कैंसर रोग से पीड़ित रोगी को खुली हवा में विश्राम करना चाहिए तथा मानसिक चिंता-
फिक्र को दूर करना चाहिए।
-कैंसर रोग का इलाज कराते समय रोगी व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए और फिर प्राकृतिक चिकित्सा से अपना उपचार कराना चाहिए। गो-मूत्र का सेवन करने से कैंसर रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
 

 
योग-यदि प्रारंभिक अवस्था में किसी भी प्रकार के कैंसर का पता चलता है ‍तो सर्व प्रथम अनुलोम-विलोम का अभ्यास दिन में तीन से चार बार करना चाहिए और रात में सोने से पूर्व भी पांच मिनट का इसका अभ्यास करें। फिर क्रमश: कपालभाती, भस्त्रिक ा, नाड़ी शोधन प्राणायाम और पांच मिनट के ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बना लें।

तुलसी :- तुलसी का भारतीयों के जीवन में बहुत बड़ा योगदान हैं, इसको माँ की तरह पूजा जाता हैं, क्युकी इसके सेवन से हमारे शरीर के अनेक अनेक रोग वैसे ही समाप्त हो जाते हैं। हर रोज़ अगर आप 2 या 3 पत्ते तुलसी के खाए तो आपको कैंसर तो छोड़िये
ज़ुकाम होने वाला हो नही होगा है तो ठीक हो जाएगा। और तुलसी कैंसर किलर हैं।

हल्दी :- हल्दी का हमारे भोजन में बहुत विशेष स्थान हैं, अक्सर हल्दी को हर शुभ कार्य में इस्तेमाल किया जाता हैं। इसको अपने भोजन में ज़रूर स्थान दे। आज कल बाजार में आर्गेनिक हल्दी भी मिलती हैं जो बिना रसायनो के तैयार की जाती हैं, इसको
खाना शुरू करे, सबसे बढ़िया तरीका हैं आप इसको रात में सोते समय एक गिलास गाय के दूध में गर्मी में एक चुटकी और सर्दी में आधा चम्मच डाल कर पिए, इस से भी हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति को इतना बढ़ जाती हैं जिस से हमारा शरीर हर बीमारी से और हर मौसम से लड़ने के लिए सुदृढ़ हो जाता हैं। और ये कैंसर किलर भी हैं।

गाय का दूध :- गाय इसके दूध बहुत अच्छा होता है । बल्कि इस जीव के दूध में पायी जाने वाली ताक़त हैं, जो हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति को इतना बढ़ा देती हैं जिस से हमारा शरीर हर बीमारी से और हर मौसम से लड़ने के लिए सुदृढ़ हो
जाता हैं। और आप एक परिक्षण कीजिये भैंस,अमेरिकन गाय(जर्सी) और भारतीय गाय को एक ही प्रकार का आहार खिलाइये जो रासायनिक खादो और कीटनाशको से तैयार किया गया हो अब इनका दूध निकालिये और इस दूध को टेस्ट के लिए भेजे, आप पाएंगे
के गाय का दूध बिलकुल सामान्य हैं जबकि भैंस और अमेरिकन गाय के दूध में आपको ज़हर के तत्व मिलेंगे।

अंगूर -कैंसर के रोगियों के लिए अंगूर बेहद उपयोगी व अमृत समान फल है। अंगूर से उपचार करने से पूर्व कैंसर के रोगी को तीन दिनों तक उपवास कराएं इसके पश्चात
ही उसे अंगूर खिलाना प्रारंभ करें। एक दिन में दो किलो से अधिक अंगूर नहीं खिलाएं। कुछ दिनों पश्चात पीने को छाछ दें। इसके अलावा कोई अन्य चीज खाने को न दें। इस उपचार से धीरे-धीरे अंगूर का रस लेने से पेटदर्द या जलन हो सकती है। किंतु चिंता न करें, यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

गाजरः गाजर का रस पीते रहने से कैंसर में लाभ होता है। विशेषकर ब्लड कैंसर व पेट के कैंसर में यह ज्यादा लाभदायक है। 310 ग्राम गाजर के रस में 125 ग्राम
पालक का रस मिलाकर प्रतिदिन नियमित रूप से पीने पर आशातीत लाभ होता है।

नमक का सेवन संतुलित मात्रा में करें। ज्यादा नमक खाने से पेट का कैंसर हो सकता है।
-सबसे महत्पूर्ण बात कि अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। ज्यादा भावुक होना भी कैंसर को न्यौता देना है। आप अगर पौष्टिक आहार ले भी रहे हैं और आप भावनात्मक रूप से कमजोर हैं तो पौष्टिक आहार भी अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगा।

धुम्रपान का इस्तेमाल नही करे ।किसी भी नशे का सेवन करने से कैंसर रोग जल्दी ही होता है ।नशा करने से कैंसर ही नही बल्कि और बहुत सी बिमारी हो जाती है ।

सावधानी -इसमे खाने पीने का ध्यान रखना जरूरी होता है ।इसके मरीजो के को सावधान रहना चाहिए ।समय सिर भोजन करना चाहिए ।उनको ज्यादा टेंशन नही लेनी चाहिए क्योंकि टेन्शन से भी वह बिमारी होती है ।इस बिमारी से ड़रना नही चाहिए इसका ड़ट कर सामना करना चाहिए ।

आप को कोई भी लक्षण दिखाई दे तो जल्दी से किसी ड़ाकटर को दिखाये ।इसका जल्दी से उपचार करना चाहिए क्योंकि इसमे देरी की तो आप के लिए खतरा बन सकती है ।इसमे जो भी उपाय बताए है उसका ध्यान से प्रयोग करे क्योंकि छोटी सी गलती आप पर भारी पड़ सकती है मेरा मकसद आप को ड़राना नही है बस आप को सावधान करना है ।
अलग-अलग कैन्सर के अलग-अलग उपचार है आप ड़ाकटर को दिखा कर ही इलाज करे। धन्यवाद
 


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