ग्रीन टी के फायदे और ग्रीन टी के नुकसान

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हम आपको चाय जानि कि ग्रीन टी के बारे मे बता रहे है । वह कभी लोग पीते है लेकिन इसके फायदे कम जानते होंगे । इसके बारे बताएंगे
ग्रीन टी (Green Tea) एक ऐसी युक्ति हैं जिसमे कई गुण हैं और
जो आसानी से बाजारों में मिल जाती हैं | ग्रीन टी (Green
Tea) सर्वाधिक मोटापे को कम करने के लिए इस्तेमाल की
जाती हैं | ग्रीन टी (Green Tea) के सेवन से मनुष्य के ब्रेन
सिस्टम एवम इम्यून सिस्टम भी दुरुस्त होते हैं साथ ही शरीर
फुर्तीला बनता हैं |इसका सेवन एक नियमित मात्रा में ही करे |
अत्यधिक मात्रा में ग्रीन टी कई व्यक्तियों के लिए
हानिकारक भी हो सकती हैं पर यह शरीर की तासीर पर
निर्भर करता हैं | इसलिए किसी एक्सपर्ट की सलाह जरुर ले |ग्रीन टी आपके सेहत के लिए फायदेमंद होती है यह
बीमारियों को दूर करने के साथ-साथ आपके वजन को भी कम
करती है।
वज़न घटा रहे लोगों की डायट में एक चीज़ और शामिल हो गई है, ग्रीन टी। ग्रीन टी में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और फैट कम करने में सहायक होते हैं। साथ ही, ग्रीन टी पीने से भूख भी कम हो जाती है।

 
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1-ग्रीन टी (Green Tea)मधुमेह के रोगियों के लिए भी
फायदेमंद हैं
ग्रीन टी के सेवन से मधुमेह रोगी के रक्त में शर्करा
का स्तर कम होता हैं | मधुमेह रोगी जैसे ही भोजन करता हैं |
उसके शर्करा का स्तर बढ़ता हैं इसी लेवल को ग्रीन टी संतुलित करने में सहायक होती हैं |

2-स्ट्रेस को कम करना-
स्ट्रेस में चाय दवाई का काम करती है। चाय पीने से आपको आराम
मिलता है। इसके अलावा, चाय की सूखी पत्तियों को तकिए के
साइड में रखकर सोने से भी सिर दर्द कम होता है। सूखी चाय की
पत्ती की महक माइंड को रिलैक्स करती है।

3–आंखों की सूजन को कम करने के लिए
चाय पत्ती आंखों की सूजन और थकान उतारने के लिए परफेक्ट
उपाय है। इसके लिए आपको मशक्कत करने की ज़रूरत नहीं, बस दो
टी बैग्स लीजिए और हल्के गर्म पानी में गीला करके 15 मिनट के
लिए आंखों पर रखिए। इससे आपकी आंखों में होने वाली जलन और
सूजन कम हो जाती है। चाय में प्राकृतिक एस्ट्रिजेंट होता है, जो
आपकी आंखों की सूजन को कम करता है। टी बैग लगाने से डार्क
सर्कल भी खत्म होते हैं।

4-बालों के लिए फायदेमंद
चाय बालों के लिए भी एक अच्छे कंडिशनर का काम करती है। यह
बालों को नेचुरल तरीके से नरिश करती है। चाय पत्ती को उबाल
कर ठंडा होने पर बालों में लगाएं। इसके अलावा, आप रोज़मेरी और
सेज हरा (मेडिकल हर्बल) के साथ ब्लैक टी को उबालकर रात भर
रखें और अगले दिन बालों में लगाएं। चाय बालों के लिए नेचुरल
कंडिशनर है।
 
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5-ग्रीन टी और कैंसर: Green Tea कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है. Green Tea में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट Vitamin C से 100 गुना और Vitamin E से 24 गुना अधिक प्रभावी होता है. यह कैंसर से शरीर की कोशिकाओं की रक्षा करने के में मदद करता है.

6-. ग्रीन टी और वजन घटाना – Green Tea में के साथ मदद करता है. Green Tea वसा को जलाता है और स्वाभाविक रूप से उपापचय दर को बढ़ा देता है. यह सिर्फ एक दिन में 70 कैलोरी को जला देता है. यह एक वर्ष में लगभग 3-4 किलोग्राम के करीब वजन घटने के बराबर हो जाता है।

7-ग्रीन टी और कोलेस्ट्रॉल- Green tea कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के अनुपात में सुधार लाता है .
 
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8- ग्रीन टी और मोटापा-Green tea वसा कोशिकाओं में ग्लूकोज की आवाजाही को रोक मोटापे से बचाता है. यदि आप स्वस्थ आहार लेते हैं, नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और Green tea पीते हैं, तो आप मोटापे से कभी भी ग्रस्त नहीं होगें.

10-स्किन प्रोटेक्टर

ग्रीन टी स्किन के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है। इससे आपकी स्किन टाइट रहती है। इसमें एंटी-एजिंग एलिमेंट्स भी होते हैं। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इन्फ्लामेंटरी एलिमेंट्स एक साथ होने की वजह से यह स्किन को प्रोटेक्ट करती है। ग्रीन टी से स्क्रब बनाने के लिए व्हाइट शुगर, थोड़ा पानी और ग्रीन टी को अच्छे से मिलाएं। यह मिश्रण आपकी स्किन को नरिश करने के साथ-साथ सॉफ्ट बनाएगा और स्किन के हाइड्रेशन लेवल को भी बनाए रखेगा।

11-बालों के लिए फायदेमंद

चाय बालों के लिए भी एक अच्छे कंडिशनर का काम करती है। यह बालों को नेचुरल तरीके से नरिश करती है। चाय पत्ती को उबाल कर ठंडा होने पर बालों में लगाएं। इसके अलावा, आप रोज़मेरी और सेज हरा (मेडिकल हर्बल) के साथ ब्लैक टी को उबालकर रात भर रखें और अगले दिन बालों में लगाएं। चाय बालों के लिए नेचुरल कंडिशनर है।

12-मस्तिष्क : ग्रीन टी में पाए जाने वाले ऐंटीऔक्सीडैंट ब्रेन यानी दिमाग की उन कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त और मृत होने से बचाते हैं जिन के कमजोर व क्षतिग्रस्त होने से पार्किन्सन जैसा भयानक रोग हो सकता है. ग्रीन टी बे्रन के मैमोरी क्षेत्र में असर दिखा कर आप की याददाश्त भी बढ़ाती है. याददाश्त से जुड़े अल्जाइमर जैसा भयावह रोग, जो पूरी तरह से लाइलाज है, में भी ग्रीन टी पीने से काफी लाभ मिलता है

13-लिवर -आज पर्यावरण की विषाक्तता व खराब खानपान के कारण पर्यावरण के अनुकूल और स्वस्थ जीवन जीने का हम कितना ही प्रयास करें लेकिन हमारा लिवर प्रभावित हो ही जाता है. ग्रीन टी लिवर को 2 तरह से सुरक्षा प्रदान करती है. एक तो यह लिवर की कोशिकाओं की सुरक्षा करती है और दूसरे, प्रतिरोधी प्रणाली को मजबूत बनाती है. लिवर फेल होने के कारण जिन का लिवर प्रत्यारोपण हुआ है, उस प्रत्यारोपण को सफल बनाने के लिए भी ग्रीन टी विशेष सहायक है।

14-हड्डियां : ग्रीन टी में पाया जाने वाला हाई फ्लोराइड आप की हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है. जो लोग ग्रीन टी नियमित रूप से पीते हैं उन की हड्डियों की डैंसिटी बुढ़ापे में भी बरकरार रहती है।

 
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– उच्च रक्तचाप:- रिसर्च यह बताती है कि ग्रीन टी एंजियोटेंसिन को नष्ट कर रक्तचाप को सामान्य रखने में मददगार है.

-ग्रीन टी ब्लडप्रेशर के रोगियों के लिए फायदेमंद हैं :
ग्रीन टी के सेवन से शरीर का ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता हैं क्यूंकि यह कॉलेस्ट्रोल के लेवल को बनाये रखता हैं |अल्जाईमर एवम पार्किन्सन जैसे रोगियों के लिए ग्रीन टी फायदेमंद होती हैं

फायदे -सिरदर्द, कैंसर, ह्दय रोग, अल्जाइमर, पार्किंसन, मल्टीपल स्कलेरोज, अल्जाइमर, अर्थराइटिज, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन, स्टैमिना में वृद्धि, एक्ने, ओविरियन कैंसर, कोल्ड एंड फ्लू, जोड़ो का दर्द, कॉलेस्ट्रोल कंट्रोल और वेट कम करता है।

-ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट ज्यादा होते हैं। दिनभर में तीन से चार बार हर्बल ग्रीन टी पीते हैं तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

– दांतों के लिए भी ग्रीन-टी काफी लाभदायक है। जीवाणु, विषाणु और गले के संक्रमण से भी यह बचाव करती है।

-ग्रीन टी मृत्यु दर को कम करने में सहायक होती हैं –
ग्रीन टी (Green Tea) पीने वालों को मृत्यु का खतरा अन्य की अपेक्षा कम रहता हैं

-ग्रीन टी में थेनाइन होता हैं जिससे एमिनो एसिड बनता हैं जो शरीर में ताजगी बनाये रखता हैं इससे थकावट दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती हैं |

-ग्रीन टी (Green Tea)से स्किन की केयर होती हैं : ग्रीन टी में एंटीएजिंग तत्व होते हैं जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं | और चेहरे पर चमक और ताजगी बनी रहती हैं |इससे सन बर्न ने भी राहत मिलती हैं | स्किन पर सूर्य की तेज किरणों का प्रभाव नहीं पड़ता |

ग्रीन टी
यूं तो ग्रीन टी आपके पूरे शरीर के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। ग्रीन टी के सेवन से किडनी स्टोन और किडनी कैंसर जैसी गंभीर समस्या से निजात मिलने के साथ ही यह किडनी से टॉक्सिन को बाहर करता है

– ग्रीन टी को रोजाना कम से कम एक बार अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें|
फ्रेश तैयार हरी चाय शरीर के लिए अच्छी और स्वस्थ्य वर्धक होती है। आप इसे या तो गर्म या ठंडा कर के पी सकते हैं, लेकिन इस बात का यकीन हो कि चाय एक घंटे से अधिक समय की पुरानी ना हो अगर चाय अधिक देर के लिये रखी रही तो यह बैक्टीरिया को शरण देना शुरू कर देगी। इसलिये हमेशा ताजी ग्रीन टी ही पिएं|

कब न पीऐ -खाली पेट नहीं- सुबह ख़ाली पेट ग्रीन टी पीने से एसिडिटी
की शिकायत हो सकती है। इसके बजाय सुबह खाली पेट एक
गिलास गुनगुना सौंफ का पानी पीने की आदत डालें। इससे पाचन
सुधरेगा और शरीर के अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में मदद
मिलेगी।
-भोजन के तुरंत बाद- जल्दी वज़न घटाने के इच्छुक भोजन के तुरंत
बाद ग्रीन टी पीते है, जबकि इससे पाचन और पोषक तत्वों के
अवशोषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
-देर रात पीना- कैफीन के सेवन के बाद दिमाग़ सक्रिय होता है
और नींद भाग जाती है। इसलिए देर रात या सोने से ठीक पहले
ग्रीन टी का सेवन न करें।
दवाई के बाद नहीं- किसी भी तरह की दवा खाने के तुरंत बाद
ग्रीन टी न पिएं।
उबालना नहीं है
उबलते पानी में ग्रीन टी कभी ना डालें। इससे एसिडिटी की
समस्या हो सकती है। पहले पानी उबाल लें, फिर आंच से उतारकर
उसमें ग्रीन टी की पत्तियां या टी बैग डालकर ढंक दें। दो मिनट
बाद इसे छान लें या टी बैग अलग करें

नुकसान -भूख में कमी – ग्रीन टी का अधि‍क सेवन करना आपकी भूख को कम कर सकता है, जिसे आप सही डाइट नहीं ले पाते और आपके शरीर को जरूरी मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इस तरह से आपका शरीर कमजोर हो सकता है।
गुर्दे की पथरी – ग्रीन टी में पाया जाने वाला ऑक्जेलिक एसिड गुर्दे में पथरी बनने का कारण हो सकता है
आयरन की कमी – भले ही जानने में यह अजीब लगे या फिर आपको यकीन न हो, लेकिन ग्रीन टी का अत्यधि‍क सेवन करने से आपके शरीर में लौह तत्वयानि आयरन की कमी हो सकती है।
गर्भावस्था में समस्या हो सकती है
इससे आप पेट की समस्या, अनिद्रा, उल्टी, दस्त एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के शि‍कार हो सकते हैं।

इसका ज्यादा मात्रा मे प्रयोग न करे और किसी वैद्य से भी पुछ ले क्योंकि वह कभी किसी को नुकसान पहुंचा सकती है ।धन्यवाद
 


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