बीमारियों के लिए घरेलू उपचार

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आज के समय मे कोई न कोई बिमारी घेर लेती है। कोई न कोई बिमारी होती रहती है। मौसम बदलने के साथ, गलत तरीके से खाना पीना, कोई न कोई कारण बना रहता। आधे से ज्यादा लोग बिमारी से परेशान है। बिमारी कोई भी हो बड़ी हो या छोटी परेशानी होती ही है। हम निरोग रहेगे तो काम होगा। अगर हम ठीक रहेगे तो ही सब कुछ होगा। जीवन जीने का तभी मजा आता है जब हम निरोग रहेगे। आज हम आपको कुछ घरेलु उपचार(Home or Traditional Remedies) बताने जा रहे हैं

सबसे पहले हमे कुछ नियम भी रखने चाहिए।
– सुबह उठ कर हमे हल्का गर्म पानी पीना चाहिए
– पानी पीने का क्या तरीका होता है सिप सिप करके व नीचे बैठ कर
– पेट भर कर खाना खाना चाहिए हमे सुबह
– सुबह का खाना हमे खा लेना चाहिए सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक
– सुबह खाने के साथ जूस पीना चाहिए
– दोपहर को खाने के साथ छाछ/लस्सी पीनी चाहिए
– रात को खाने के साथ दूध पीना चाहिए
– खट्टे फल रात के समय नही खाने चाहिए
– सुबह का पानी 2-3 गिलास पीना चाहिए

कांटा चुभने पर– हाथ पैर में कांटा चुभ जाय, न निकलता हो तो मशक्कत ना करें थोड़े से गुड़ में अजवाइन मिलाकर बांधने से कांटा स्वयं निकल जायेगा।

कमर दर्द
भोजन में पर्याप्त लहसुन का उपयोग करें। लहसुन कमर दर्द का अच्छा उपचार माना गया है।
-गूगल कमर दर्द में अति उपयोगी घरेलू चिकित्सा है। आधा चम्मच गूगल गरम पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें।
-सख्त बिछोने पर सोयें। औंधे मुंह पेट के बल सोना हानिकारक है।
– चाय बनाने में ५ कालीमिर्च के दाने,५ लौंग पीसकर और थौडा सा सूखे अदरक का पावडर डालें। दिन मे दो बार पीते रहने से कमर दर्द में लाभ होता है।

सांप काटने पर – सांप के काटने पर सौ से दो सौ ग्राम शुद्ध घी पिलाकर उल्‍टी कराने से सांप के विष का असर कम होता है। घी पिलाने के १५ मिनट बाद कुनकुना पानी अधिक से अधिक पिलाएं इससे तुरंत उल्टियां होने लगेंगीं और सांप का विष भी बाहर निकलता जाएगा।
– सांप के काटने पर ५० ग्राम घी में १ ग्राम फिटकरी पीसकर लगाने से भी जहर दूर होता है।
-कुत्ते के काटने पर-लाल मिर्च पीसकर तुरंत घाव में भर दें। इससे कुत्‍ते का जहर जल जाता है और घाव भी जल्‍दी ठीक हो जाता है।
– हींग को पानी में पीस कर लगाने से पागल कुत्‍ते के काटने से हुए घाव का जहर उतर जाता है।

सिरदर्द- सेब को छील कर बारीक काटें। उसमें थोड़ा सा नमक मिला कर सुबह खाली पेट खाएं।

गले की खराश-2-3 तुलसी की पत्‍ती को पानी में उाबलें और उस पानी से गरारा करें।

मुंह का अल्‍सर-पका केला और शहद मिला कर खाने से तुरंत राहत मिलती है। या फिर इसे पेस्‍ट बना कर भी मुंह में लगाया जा सकता है।
 

 
हाई बी पी- 3 ग्राम मेथी दाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने से लाभ मालूम होता है। यह डायबिटीज में भी लाभकारी है।

रूसी-कपूर और नारियल तेल लगाएं। इसे रोज रात को सोने से पहले भी लगाया जा सकता है।

बालों का सफेद होना-सूखा आंवले को बीच से काट कर नारियल तेल में उबालें और फिर उसी तेल से सिर की मालिश करें।

गुर्दे की पथरी- किड्नी स्‍टोन होने पर आंवले का सेवन करना चाहिए। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है। इसमें अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है

ड़ायबीटिज- करेले का ताजे करेले का रस भी ड़ायबीटिज को नियंत्रित करने का एक बहुत हीं प्रभावकारी प्राकृतिक उपचार है। एक छोटे से करेले का बीज निकाल लें और करेले का रस निकलकर रोजाना सुबह सुबह खाली पेट में पीया करें। यह आपके लीवर और अग्न्याशय को स्वस्थ रखता है जिससे कि इंसुलिन का उत्पादन सुचारू रूप से होता रहता है और आपके रक्त में रक्त शर्करा की मात्रा बढ़ने नहीं पाती।

माइग्रेन से बचने के लिए घरेलू उपचार –अगर माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी दवा से ज्यादा असर करता है। सरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की भी मालिश करनी चाहिए। इससे दर्द से राहत मिलती है।

-एक तौलिये को गर्म पानी में डुबाकर, उस गर्म तौलिये से दर्द वाले हिस्सों की मालिश कीजिए। कुछ लोगों को ठंडे पानी से की गई इसी तरह की मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकडों का भी प्रयोग किया जा सकता है।
-माइग्रेन में दर्द होने पर कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से मालिश कुछ देर तक मालिश कीजिए।

कब्ज- शहद कब्‍ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से पहले एक चम्‍मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्‍ज दूर हो जाता है।
-त्रिफला कब्‍ज के लिए त्रिफला बहुत ही अच्‍छा घरेलू उपचार है। त्रिफला शब्द का शाब्दिक अर्थ है “तीन फल”। त्रिफला तीन चीजों यानी आंवला, बहेडा और हरड़ को समान मात्रा में मिलाकर बनता है। 20 ग्राम त्रिफला रात को एक लिटर पानी में भिगोकर रख दीजिए। सुबह उठने के बाद त्रिफला को छानकर उस पानी को पी लीजिए। इससे कुछ ही दिनों में कब्‍ज की शिकायत दूर हो जाएगी। या त्रिफला चूर्ण एक चम्मच के साथ दूध अथवा गर्म पानी में लेने से कब्ज दूर हो जाती है ।

झड़ते बालों के लिए-नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें, फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
-चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं, इससे बाल कम गिरेंगे।
-दूध या दही में बेसर मिलकार घोल बना लीजिए, इसे बालों में लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाता है।

सांसों की दुर्गंध- सांस की बदबू दूर करने के लिए रोज तुलसी के पत्ते चबायें।
-इलाइची और लौंग चूसने से भी सांस की बदबू से निजात मिलती है।

लू से बचने के लिए- धनिए को पानी में भिगोकर रखें, फिर उसे अच्छी तरह मसलकर तथा छानकर उसमें थोड़ी सी चीनी मिलाकर पिएं।
-गर्मियों में आम का पन्ना पीना लू से बचाता है। इमली के बीज को पीसकर उसे पानी में घोलकर कपड़े से छान लें। इस पानी में शकर शक्कर मिलाकर पीने से लू से बचा जा सकता है।
 

 
कान- यदि कान में जख्म हो तो कान में बरगद का दूध दो बूंद टपकाये इससे शीघ्र लाभ होगा|
-गेंदे की पत्ती का रस कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है|

चक्कर- सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग डालकर उसे उबाल लें और फिर उस पानी को पी लें। इस पानी को पीने से लाभ मिलता है।10 ग्राम आंवला, 3 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम बताशे को पीस लें। 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करें चक्कर आना बंद हो जाएगा।जिन लोगों को चक्कर आते हैं उन्हें दोपहर के भोजन के 2 घंटे पहले और शाम के नाश्ते में फलों का जूस पीना चाहिए। रोजाना जूस पीने से चक्कर आने बंद हो जाएंगे

खांसी- पुरानी खाँसी होने पर 40 ग्राम मुलैठी, 10 ग्राम पीपल और 100 ग्राम शुद्ध शहद का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। एक बार में 5 ग्राम पिएँ।

दमा- दमा बच्चों को भी हो जाता है| तुलसी के कुछ पते अच्छी तरह धोकर पेस्ट-सा बना लें| इसे शहद में मिलाकर चटाने से बच्चों को बहुत लाभ होता है| रोगी बच्चे को दही, उड़द की दाल, गोभी, तेल-मिर्चों के खाद्य तथा अधिक मसालों का सेवन न कराएं| रोगी बच्चे को प्रतिदिन सुबह-शाम पार्क में घुमाने ले जाएं|

दिल के लिए-
कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छील कर खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है,इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।
-सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर ढंग से काम करता है।
-शहद दिल को मजबूत बनाता है। इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।

लकवा- लकवे में एक बहुत ही सटीक उपचार माना जाता है। उसके अनुसार इस उपचार में पहले दिन लहसुन की पूरी कली पानी के साथ निगल जाएँ। फिर नित्य 1-1 कली बढ़ाते हुए 21वें दिन पूरी 21 कलियाँ निगलें। तत्पश्चात नित्य 1-1 कली घटाते हुए निगले। इस प्रयोग को करने से लकवे में शीघ्र ही आराम मिलता है।
– नित्य सौंठ और उड़द को उबालकर इसका पानी पिए। इसके नियमित सेवन से लकवे में बहुत सुधार होता है। यह बहुत ही परीक्षित प्रयोग है।

गठिया- दो बडे चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह और शाम एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। एक शोध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में ३० प्रतिशत रोगी गठिया के दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी गठिया की वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।वह एक अच्छा उपाय है।

नकसीर- नकसीर आने पर रुई के फाए को सफेद सिरका में भिगोकर उस नाक के नथुने में रखें, जिससे खून बह रहा हो, तुरन्त लाभ मिलता है।
-ठंडे पानी में भीगे हुए रुई के फाहों को नाक पर रखें। रुई के छोटे-छोटे फाहों को पानी में भिगोकर फ्रीजर में रख लें। इनसे सिकाई करने पर भी शीघ्र लाभ प्राप्त होता है ।

दांत दर्द- दाँत दर्द में लहसुन का प्रयोग– लहसुन को 2-3 दिन रोजाना चबाने से दाँत दर्द की समस्या से छुटकारा मिल जाता है.
सरसों का तेल प्रयोग करने के उपाय– सुबह उठने के बाद यदि आप ब्रश करते समय सरसों के तेल में नमक मिलाकर रोजाना दाँतो में मलने से दर्द से छुटकारा मिल जायेगा.
 

 
थायराइड- जिन व्यक्तियों को थायराइड की समस्या होती है उन्हें दही और दूध का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए. दूध और दही में मौजूद कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स थायराइड से ग्रसित रोगियों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

खून की कमी- खून की कमी को दूर करने के लिए चुकंदर, पालक का इस्तेमाल करे।

कुछ और उपचार- तुलसी ज़्यादातर सबके घरों में पाई जाती है, क्योंकि ये सिर्फ़ पूजी ही नहीं जाती, बीमारियों से भी बचाती है. 10-15 तुलसी के पत्ते और 8-10 काली मिर्च के दानों की चाय बनाकर पीने से खांसी, सर्दी और बुखार में आराम मिलता है
 

 

नींबू और शहद- ये है एक ज़बरदस्त नुस्ख़ा वज़न कम करने के लिए. अगर आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो बस एक ग्लास गर्म पानी में 1 नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर पिएं और मोटापे को कम करें.
हल्‍दी एक मसाला ही नहीं, बल्कि इसमें कई औषधीय गुण भी हैं। सौंदर्य से ले कर त्‍वचा, पेट और सर्दी आदि के लिए भी हल्‍दी उपयोगी होती है। चोट-चपेट, दर्द या सर्दी जुखाम में बस एक कप गर्म दूध में दो-तीन चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से आराम मिलता है.

और भी कई उपाय है आप को जो भी बिमारी हो उसका इलाज इन उपचार मे दिया गया है। आप ड़ाकटर को दिखा जरूर ले क्योंकि बिमारी को आगे बढने से रोका जाए। और बिमारी का सही पता चल सके। इसमे कई उपाय है जैसे सांप के काटने का ईलाज अगर किसी को सांप काटे तो वह ईलाज करे लेकिन ड़ाकटर के पास भी जल्‍दी लेकर जाये क्योंकि वह उपाय का असर जल्दी खत्म हो सकता है क्योंकि उपाय हर किसी पर काम नही करता ।आप अपनी सेहत का ख्याल रखे। धन्यवाद।

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