पालक के फायदे और नुकसान [ पालक के औषधीय गुण ]

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पालक(Spinach) इसका इस्तेमाल हम सब करते है। पालक खाने के बहुत फायदे है। पालक का सेवन सब्जी के रूप में, सलाद के रूप में, सूप बनाकर या जूस बनाकर कर सकते हैं। पालक में भरपूर मात्रा में विटामिन k, विटामिन ए, मैंगनीज़, मैगनीशियम, आयरन, विटामिन सी, विटामिन बी-2 , विटामिन ई, कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता हैं। पालक हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता हैं।पालक के अनेक फायदे है। पालक की शाक वायुकारक, शीतल, कफ बढ़ाने वाली, मल का भेदन करने वाली, भारी विष्टम्भी (मलावरोध करने वाली) मद, श्वास,पित्त, रक्त विकार एवं ज्वर को दूर करने वाली होती है।पालक रुचिकर और शीघ्र पचने वाली होती है। इसके बीज मृदु, विरेचक एवं शीतल होते हैं। ये कठिनाई से आने वाली श्वास, यकृत की सूजन और पाण्डु रोग की निवृत्ति हेतु उपयोग में लाए जाते हैं।
 

 
इसमे-100 ग्राम पालक में 26 किलो कैलोरी उर्जा ,प्रोटीन 2.0% ,कार्बोहाइड्रेट 2.9 % , नमी 92 % वसा 0.7 %, रेशा 0.6%, खनिज लवन 0.7% और रेशा 0.6 % होता हैं। पालक में खनिज लवन जैसे कैल्सियम, लौह, तथा विटामिन ए, बी, सी आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं।

पालक में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया हैं जो हमारे आँखों की रोशनी के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। पालक में फोलिक एसिड और कैल्शियम पाया जाता है जो गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद होता है। पालक आयरन का अच्छा स्त्रोत हैं जो हमारे शरीर में खून की कमी को दूर करता हैं और हिमोग्लोबिन बढ़ाता हैं। पालक मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता हैं। पालक में काफी कम कैलोरी और वसा होता हैं जो वजन कम करने में मदद करता हैं।

स्त्रियों के लिए पालक का शाक अत्यंत उपयोगी है। युवतियां यदि अपने चेहरे का नैसर्गिक सौंदर्य एवं रक्तिमा बढ़ाना चाहती हैं, तो उन्हें नियमित रूप से पालक के रस का सेवन करना चाहिए। प्रयोग से देखा गया है कि पालक के निरंतर सेवन से रंग में निखार आता है। इसे भाजी (सब्जी) बनाकर खाने की अपेक्षा यदि कच्चा ही खाया जाए, तो अधिक लाभप्रद एवं गुणकारी है। पालक से रक्त शुद्धि एवं शक्ति का संचार होता है।



इसमे लोह तत्व भी होता है -लौह तत्व की कमी से जो रक्ताल्पता अथवा रक्त में स्थित रक्तकणों की न्यूनता होती है, उसका तात्कालिक प्रभाव मुख पर विशेषतः ओष्ठ, नासिका, कपोल, कर्ण एवं नेत्र पर पड़ता है, जिससे मुख की रक्तिमा एवं कांति विलुप्त हो जाती है। कालान्तर में संपूर्ण शरीर भी इस विकृति से प्रभावित हुए बिना नहीं रहता। लोहे की कमी से शक्ति ह्रास, शरीर निस्तेज होना, उत्साहहीनता, स्फूर्ति का अभाव, आलस्य, दुर्बलता, जठराग्नि की मंदता, अरुचि, यकृत आदि परेशानियाँ होती हैं। इसलिए इसकी पूर्ती के लिए पालक का इस्तेमाल करना चाहिए।

कच्चा पालक बहुत गुणकारी होता है। यह पूरे पाचन-तंत्र की प्रणाली को ठीक करता है। खांसी या फेफड़ों में सूजन हो तो पालक के रस से कुल्ले करने से लाभ होता है। पालक का रस पीने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। ताजे पालक का रस रोज पीने से आपकी मैमोरी बढ़ सकती है। इसमें आयोडीन होने की वजह से यह दिमागी थकान से भी छुटकारा दिलाता है।

 

 


पालक के फायदे

> पालक आंतों को क्रियाशील बनाता है, यही वजह है कि लीवर से संबंधित रोगों में भी यह फायदेमंद है।

> आंखो के लिए लाभदायक – पालक का रस पीने से आंखों की रोशनी बढ़ती है हमारी आंखो के लिए बहुत अच्छी है। इसे खाने से आंखे स्वस्थ रहती हैं।

> पीलिया के दौरान रोगी को पालक का रस कच्चे पपीते में मिलाकर दिया जाए तो अच्छा होता है

> थायरॉइड में एक प्याला पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरे का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।

> दिल से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को प्रतिदिन एक कप पालक के जूस के साथ 2 चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिए, ये बड़ा गुणकारी होता है।

> पालक के पत्तों का रस और नारियल पानी की समान मात्रा मिलाकर सुबह शाम लिया जाए तो
पथरी घुलकर बाहर निकल आती है।

> पालक के एक गिलास जूस में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से दमा और श्वास रोगों में खूब लाभ मिलता है।

> पालक का रस लाभ प्रद है| कच्चे पालक का रस आधा गिलास नित्य पीते रहने से कब्ज- नाश होता है|

> फेफड़ो के लिए: पालक फेफड़ों की सड़न को दूर करता है, आाँतों के रोग, दस्त आदि में भी लाभदायक है, व बहुत ही गुणकारी होता है फेफड़े के रोग से पीड़ित रोगी को पालक का सेवन करना चाहिए।

> रक्त की कमी संबंधी विकारों मे पालक का रस १०० मिली दिन में तीन बार पीने से चेहरे पर लालिमा,शक्ति स्फूर्ति का संचार होता है| रक्त संचार प्रक्रिया में तेजी आती है और चेहरे के रंग में निखार आता है।
 

 

> यह पित्त की तेजी को शांत करती है, गर्मी की वजह से होने वाले पीलिया और खाँसी में यह बहुत
लाभदायक है।

> पालक में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसमें मौजूद आयरन शरीर आसानी से सोख लेता है। इसलिए पालक खाने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है। खून की कमी से पीड़ित व्यक्तियों को पालक खाने से काफी फायदा पहुंचता है।

> गर्भवती महिलाओं में अकसर फोलिक एसिड की कमी हो जाती है, इसकी कमी को दूर करने के लिए पालक का सेवन लाभदायक होता है। साथ ही पालक में पाया जाने वाला कैल्शियम बढ़ते बच्चों, बूढ़े व्यक्तियों और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पालक खाने से स्तनपान करानेवाली माताओ के स्तनों में अधिक दूध बनता है

> पालक का सेवन करने से हृदय रोग में भी फायदा होता है। इसके लिए आधा चम्मच चौलाई का रस, एक चम्मच पालक का रस और एक चम्मच नींबू का रस तीनों को मिलाकर सुबह नियमित रूप से सेवन करने से हृदय रोगी को लाभ होने लगेगा।

> जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी सहायक होता है। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए पालक अच्छी चीज है ।

> सौ ग्राम पालक के रस में सौ ग्राम गाजर का रस मिलाकर पीने से गर्मियों में रक्तविकार के कारण
अधिक फोड़े-फुंसियां निकलने पर बहुत लाभ होता है।

> शारीरिक निर्बलता को दूर करने के लिए रोगी को पचीस ग्राम पालक के रस में पचीस ग्राम टमाटर का रस मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है।

> मूत्रावरोध की समस्या पर पचास ग्राम पालक के रस में पचास ग्राम कुल्थी का रस मिलाकर, नींबू का रस डालकर, सुबह शाम सेवन कीजिए।

> पालक के रस में अनार का रस मिलाकर पीने से नक्सीर की समस्या में बहुत लाभ होता है।

> कच्चा पालक खाने में कडवा और खारा लगता है, परन्तु बहुत ही गुणकारी होता है। दही के साथ कच्चे पालक का रायता बहुत ही स्वादिष्ट और गुणकारी है।

> पालक का रस दांतों और मसूढ़ों को मजबूत बनाता है। रोगी को कच्चा पालक दांतों से चबाकर खाना चाहिए। प्रातः भूखे पेट पालक का रस पीने से पायोरिया ठीक हो जाता है। इसमें गाजर का रस मिलाने से मसूढ़ों से रक्तस्त्राव होना बंद हो जाता है।

> हरी सब्जियों की जब भी बात आती है तो सबसे पहले पालक का नाम आता है। जिसे लोग रामबाण कहते हैं। लोग कहते हैं कि पालक खाने वाला व्यक्ति कभी भी डॉक्टर के पास नहीं जाता, कहने का तात्पर्य ये है कि पालक खाने वाला व्यक्ति कभी बीमार नहीं पड़ता है।

> पालक में भरपूर आयरन पाया जाता है। रोज दो बार पालक का जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। एनिमिया के रोगियों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है।

> थाइरोइड में एक प्याला पालक के रस के साथ 1 चम्मच सहद और चौथाई चम्मच जीरे का चूरन मिला कर पीने से लाभ होता है।

> पालक के एक गिलास जूस में स्वादानुसार सेंधा नमक मिला कर पीने से दमा और साँस संबंधित रोगो में लाभ मिलता है।

> पालक, ककड़ी और गाजर को समान मात्रा में लेकर उसका जूस पीने से बालो का बढ़ना शुरू हो जाता हैं।

> साँस और मूँह की बदबू दूर करने के लिए पालक के जूस से कुल्ला करने से दांतो की समस्या और मूँह की समस्याओं में आराम मिलता है और मूँह की बदबू भी दूर हो जाती है।

> पालक का सूप- पालक का सूप तो हेल्दी होता ही है पालक भी हमारे लिए बहुत पौष्टिक होता है। आयरन जैसे कई पोषक तत्वों से भरा पालक का सूप आपकी शाम को हेल्दी और टेस्टी बना देगा।

> दिमाग तेज़ करे- स्मरण शक्ति या दिमाग तेज करने के लिए पालक सर्वोतम आहार माना जाता है। पालक में विटामिन बी 9 जिसे फोलेट या फोलिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन बी 9 के अलावा पालक में विटामिन बी 2 और विटामिन बी 6 भी पाए जाते हैं जो हमारे दिमाग को बेहद सक्रीय बनाते है। पालक में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी प्रचूर मात्रा में होते हैं जो हमारे मष्तिष्क के लिए बहुत हीं आवश्यक होता है। इससे हमारी स्मरण शक्ति एकाग्रता बढती है, हमारा मन काम में लगता है हमें मानसिक थकान भी नहीं होती है। पालक में विटामिन ए, के, इ, सी, तथा जरुरी खनिज जैसे जिंक, मैगनिसिअम , कैल्सियम इत्यादि भी पाए जाते हैं। इसलिए नियमित रूप से पालक का सेवन करें।

> लंबे बाल करे- पालक में विटामिन बी, सी और ई पाया जाता है। पालक में मौजूद आयरन शरीर में ऑक्सीजन के बहाव को बढ़ाता है, इससे कोशिकाओं में रक्त संचार बढ़ता है। इस वजह से पालक बालों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।

> लीवर- पालक और गाजर का रस का मिश्रण लीवर सिरोसिस के लिए काफी फायदेमंद घरेलू उपाय है। गाजर के रस और पालक का रस को बराबर भाग में मिलाकर पिएं। लीवर को ठीक रखने के लिए इस प्राकृतिक रस को रोजाना कम से कम एक बार जरूर पिएं।

> पालक के पत्ते नीम की पत्तियों के साथ पीसकर बनाया हुआ लेप मवाद भरे फोड़ों पर लगाने से खराब रक्त बाहर निकल जाएगा और फोड़ा ठीक हो जाएगा।

> पालक के पत्ते नीम की पत्तियों के साथ पीसकर बनाया हुआ लेप मवाद भरे फोड़ों पर लगाने से खराब रक्त बाहर निकल जाएगा और फोड़ा ठीक हो जाएगा।

> जले हुए अंग पर पालक के पीसे हुए पत्तों का तत्काल लेप करने से जलन शांत होगी व फफोले नहीं पड़ेंगे।

> किसी दवा का प्रतिकूल असर ( साइड इफेक्ट ) होने या कोई विषैली वस्तु खा लेने पर पानी में पालक उबालकर प्रभावित व्यक्ति में अदरक का थोड़ा-सा रस मिलाकर प्रभावित व्यक्ति को देने से तत्काल राहत मिलती है।

> बढ़ते बच्चों, बूढ़े व्यक्तियों और गर्भवती स्त्रियों के लिए पालक बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कैल्शियम भी बहुत अधिक मात्रा में होता है।

> पालक के नियमित सेवन से समस्त विकार दूर होकर चेहरे पर लालिमा, शरीर में स्फूर्ति, उत्साह, शक्ति-संचार व रक्त-भ्रमण तेजी से होता है। इसके निरंतर सेवन से चेहरे के राग में निखार आ जाता है। नेत्रज्योति बढती है।

> पालक के 25 ग्राम रस में गाजर का 50 ग्राम रस मिलाकर पीने से शरीर का फैट (चर्बी) समाप्त होती है। 50 ग्राम पालक के रस में 15 ग्राम नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त होता है।

> शुगर के लिए गाजर और पालक मधुमेह के रोगियों को गाजर और पालक का रस पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है।

> पालक त्वचा और शरीर के लिए भी बहत अच्छा होता है। जो लोग बाल गिरने से परेशान हैं उन्हें तो रोज पालक खाना चाहिए। जो शरीर में आयरन की कमी को पूरा करके बालों का गिरना रोकता है। पालक त्वचा को रूखे होने से बचाता है। पालक आखों में चमक उत्पन्न करता है। पालक के पेस्ट को चेहरे पर लगाने से चेहरे से झाइयां दूर हो जाती है। इसलिए महंगी-महंगी दवाइयां खाने से अच्छा है कि आप पालक खाइये।

> लो ब्लड प्रेशर के रोगियो को पालक की सब्ज़ी खानी चाहिए। यह खून बढ़ाने के साथ ब्लड के सर्क्युलेशन को कंट्रोल करने में मदद करता हैं। हार्ट पेशेंट को हर रोज 1 ग्लास पालक के जूस के साथ 2 चम्मच सहद मिला कर पीना चाहिए। यह बहुत गुणकारी होता हैं।

> अनेमिया और पीलिया की शिकायत होने पर जिन्हे अनेमिया की शिकायत हो उन्हे हर रोज पालक का जूस (1 ग्लास) दिन में 3 बार ज़रूर लेना चाहिए।
 

 
> पौष्टिक तत्वों से भरपूर इस पत्तेदार सब्जी को सुपर फूड के नाम से जाना जाता है। इसमें फोलेट नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर में नई कोशिकाएं बनाने के साथ उन कोशिकाओं में मौजूद डीएनए की मरम्मत का भी काम करता है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर आयरन, एंटीऑक्सीडेंट तत्व और विटामिन-सी शरीर को हर तरह से स्वस्थ बनाए रखते हैं। उबले पालक के सेवन से पाचन तंत्र सही ढंग से काम करता है और कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

> कैंसर में फायदेमंद- गाजर और पालक के मिश्रण में कैरोटीनोइड्स और फ्लेवोनोइड्स योगिक भी होते हैं जो कि कोशिकाये की अनावश्यक वृद्धि को भी रोकते हैं, इसी प्रकार ये कैंसर की रोकथाम में फायदेमंद भी है।

> गाजर और पालक के इस मिश्रण में विटामिन ए और आयरन होता है, ये दोनों लाल रक्त कोशिकाये और हीमोग्लोबिन के फायदे में बेहद आवश्यक हैं। जब की शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं सही मात्रा में होती ही हैं। तो रक्त से संबन्धित सारी बीमारियाँ एनीमिया आदि नहीं होती हैं।

> 250 मिलीलीटर गाजर और पालक का रस रोजाना पीने से नाक और गले के रोग ठीक हो जाते हैं।

> गाजर और पालक के रस में एंटी-ओक्सीडेंट्स और विटामिन सी होता है जो कि कोशिकाओं को जवां और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है। इससे अपरिपक्व कोशिकाओं की विकृति दूर रहती है।

> चर्म रोग कई बार हमें परेशान करने लगते हैं। क्योंकि यह खूबसूरती से जुड़ा मामला होता है, ऐसे में उनका खास खयाल और जरूरी हो जाता है। चर्म रोग में गाजर, पालक का मिश्रित रस पिएं।

> अपच: प्रात: काल खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़ कर पिएं। भोजन के समय से आधा घंटा पहले एक चम्मच अदरक का रस पिएं। पपीता, अनानास, ककड़ी और गोभी का रस अथवा गाजर, चुकन्दर और पालक के रस को मिलाकर कर उसका सेवन करें इस से बहुत लाभ होगा।

पालक के नुकसान

पालक को दुसरे किसी फाइबर युक्त पदार्थ के साथ खाने से शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे बुखार, सर दर्द की परेशानी होने लगती है। इससे डायरिया भी हो जाता है। पालक खाने से किडनी में स्टोन की परेशानी हो सकती है। पालक में मौजूद आर्गेनिक पदार्थ शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदल जाते है। ये शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है। परिणामस्वरुप किडनी में छोटे से लेकर मध्यम आकर का स्टोन बन जाता है। गठिया रोग में अधिक पालक का सेवन नहीं करना
चाहिए।

यह पालक के असरदार ईलाज थे इसको खाने से आप कभी बीमार नही होंगे। पालक खाये स्वस्थ रहे लेकिन आप ड़ाकटर को भी जरूर दिखा लीजिए क्योंकि कोई भी बिमारी हो अगर ज्यादा हो गई तो खतरा पैदा हो जाता है इसलिए ड़ाकटर की सलाह से ही ईलाज करे। धन्यवाद

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