फूलगोभी के फायदे और फूलगोभी के नुकसान

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फूलगोभी(Cauliflower) खाना किसे नही पसंद । फूल गोभी खाने के बहुत फायदे है । सभी सब्जियो मे गोभी की सब्जी को बहुत पसंद करते है। फूलगोभी की सब्जी खाने में बहुत स्वादिष्ट होती हैं। इसमें फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फूलगोभी मैंगनीज, तांबा, लोहा, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। फूलगोभी खाने से कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, संक्रमण, अधिक वजन, सूजन जैसे कई अन्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है। शीत ऋतु में मुख्य रूप से गोभी खाई जाती है, जो अनेक गुणों से भरपूर है। भारत में सब्जी, पराठा, भरवाँ, दुलमा, अचार आदि अनेक व्यंजनों में गोभी का प्रयोग किया जाता है।
गोभी को पकाकर तथा कच्चा सलाद के रूप में खाया जाता है। परंतु श्रेष्ठ फायदे के लिए इसे कच्ची ही खाना अच्छा रहता है। गोभी को ज्यादा पकाने से इसके महत्त्वपूर्ण पोषक तत्व एवं विटामिन नष्ट हो जाते हैं। गोभी में कुछ ऐसे तत्व एवं घटक हैं, जो मानव में रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ाते हैं एवं समय से पहले आने वाली वृद्धावस्था को रोकते हैं।

पत्‍ते – गोभी के पत्ते भी लाभकारी होतेहै । फूलगोभी की पत्तियों में काफी अधिक आयरन और कैल्शियम होता है। असल में, सब्ज़ियों में सबसे अधिक कैल्शियम वाली सब्ज़ी इसी के पत्ते हैं। जिन सब्ज़ियों में कैल्शियम और आयरन होता है उन्हें खाने से हड्डियां मज़बूत रहती हैं, इम्यूनिटी बढ़ती है और पाचन में मदद मिलती है। 100 ग्राम फूलगोभी के पत्तों में लगभग 600 मिलीग्राम कैल्शियम होता है।
 




 

 




 

1- मोटापा
फूलगोभी का सेवन मोटापे को काम करता है व शरीर में विभिन्न प्रकार की सूजन और मेटाबोलिक विकारों को रोकने के लिए फायदेमंद है। यह वसा के खर्च होने की मात्रा को बढ़ाने और मोटापा रोकने में भी सहायक है।

2- रक्त की उल्टी
फूलगोभी की सब्जी खाने से या इसे कच्ची ही खाने से खून की उल्टी होना बंद हो जाती है। टी.बी. के रोगी के लिए भी यह बहुत ही हितकारी है।

3- स्वस्थ हड्डियों के लिए
फूलगोभी में विटामिन C होता है, जो कॉलेजन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भुमिका निभाता है जो जोड़ों और हड्डियों को सूजन के कारण क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इसमें विटामिन K भी होता है जो पुरूषों एवं महिलाओं दोनों में हड्डियों के नुकसान को रोकने में सहायता करता है।

4- पेट की समस्याएँ
फूलगोभी डाइटरी फाइबर का स्त्रोत है जो पाचन में मदद करती है और विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर करती है। फूलगोभी पेट की लाइनिंग को रोकती है। यह पेट की विभिन्न समस्याओं जैसे पेट का अल्सर और आंतों के कैंसर आदि के खतरे से बचाती है।वह पेट के लिए बहुत फायदेमंद है ।

5- गर्भावस्था
फूलगोभी में बच्चे के स्वस्थ तंत्रिकीय विकास के लिए जरूरी फोलेट मौजूद होते है, इस कारण गर्भावस्था के समय फूलगोभी को आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है। फूलगोभी में फाइबर के साथ विभिन्न आवश्यक विटामिन और खनिज होते है जो संपूर्ण स्वास्थ्य को सुधारते है।
 

 
6- कैंसर मे सहायक
गोभी कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद करती है। फेफड़े का कैंसर, स्तिन कैंसर, आदि जैसी बीमारियों का खतरा गोभी के नियमित सेवन से कम हो जाता है

7-लिवर
गोभी लिवर में मौजूद एंजाइम्स को एक्टिवेट करने में मदद करती है। इससे लिवर बेहतर काम करता है और शरीर से विषैले पदार्थ अधिक मात्रा में बाहर निकलते हैं। इससे शरीर के कई अंगों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

8- कोलेस्ट्रॉल –
फूलगोभी फाइबर का उच्च स्रोत है, यह शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को सामान्य रखता है। फूलगोभी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल का खतरा कम रहता है। कोलेस्ट्रॉल से बचने के लिए इसका सेवन उचित होता है।

9-दिल के लिए
सल्फ़ोराफेन ब्लड परेशान और किडनी के क्रियाकलापों को बेहतर करने में मदद करता है। आप इसका नियमित सेवन कर अपने दिल को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। दिल से जुड़ी बीमारियों जैसे हार्ट अटैक आदि के खतरे को यह कम करता है।

10- दिमाग के लिए
– यह विटामिन बी (vitamin B) का बड़ा स्रोत है जो दिमाग के विकास और मजबूती को बेहतर करता है। यह याद रखने की क्षमता को विकसित करता है। उम्र बढ़ने के साथ स्मरण शक्ति में होने वाली कमी जैसी समस्याओं में भी इसका प्रयोग करना फायदेमंद होता है।

11- ड़ायबीटिज –
फूलगोभी के सेवन से डायबटीज़ पर नियंत्रण किया जा सकता है। यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर शुगर को बढ़ने से रोकता है। आप इसके उपयुक्त सेवन से मधुमेह जैसी बीमारी को नियंत्रण में रख कर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

 

 

– कच्ची फूलगोभी को साफ धोकर चबाने से खून साफ होता है और अनेक चर्मरोगों में आराम मिलता है। लौह तत्वों और प्रोटीन्स के पाए जाने के कारण शारीरिक शक्ति को प्रबल बनाने में भी इसका योगदान होता है।

– गोभी के पत्तों को कुचलकर तैयार किया रस प्रतिदिन पीने से गठिया रोग के निदान में भी लाभकारी होता है। माना जाता है कि कम से कम तीन माह तक अक्सर इस रस का सेवन करते रहने से हर तरह के दर्द की छुट्टी हो जाती है।

– कब्ज : रात को सोते समय आधा गिलास गोभी का रस पीने से कब्ज के रोग में लाभ होता है।

-रक्तशोधक (खून को साफ करने वाला) : गोभी में क्षारीय तत्व होते हैं। गोभी में पाया जाने वाला सल्फर और क्लोरीन का मिश्रण म्युकस, मेमरिन तथा आंतों की सफाई करता है।

– पेशाब की जलन होने पर फूलगोभी की सब्जी का सेवन करने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है।

शीत ऋतु में मुख्य रूप से गोभी खाई जाती है, जो अनेक गुणों से भरपूर है। गोभी को कच्चा भी खाया जा सकता है।
– फूलगोभी खाने में ठंडी और तर होती है।
– फूलगोभी में थोड़ी सी प्रोटीन , फॉस्फोरस, लौह तत्व, पोटैशियम, गंधक, नियासीन और विटामिन `सी´ आदि तत्व अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।
गोभी खाते रहने से चर्म रोग, गैस, नाख़ून और बालों के रोग नष्ट होते हैं।
– कच्ची गोभी, पकी गोभी से ज्यादा सुपाच्य होती है।
– गोभी स्नायु मजबूत करती है ।
– गोभी में गंधक एवं क्लोरीन आंतों के मार्ग साफ करने में उपयोगी हैं, परंतु यह तब ही संभव है जब गोभी या इसके रस को कच्चा लिया जाए।
– पेट अल्सर का रोगी सामान्य भोजन के बाद दिन में तीन बार तीन से छह औसतन जितना गोभी का रस पिएं या चार से पांच बार कच्ची गोभी खाएं तो पेट एवं अल्सर के रोग में फायदा हो सकता है।
– गोभी का रस पीते रहने से आँखों की कमजोरी और पीलिया में लाभ होता है। इसके अत्यधिक प्रयोग से वायु बन सकती है। इससे बचने के लिये इसे बराबर मात्रा में गाजर के साथ खाना चाहिये।
– पेट दर्द होने पर गोभी की जड़, पत्‍ती, तना फल और फूल को चावल के पानी में पकाकर सुबह-शाम लेने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
– पीलिया के लिए भी गोभी का रस बहुत फायदेमंद है। गाजर और गोभी का रस मिलाकर पीने से पीलिया ठीक होता है।
– फूल-गोभी की सब्जी बिना तेल या कम-से-कम तेल का छौंक लगाकर बनाकर खाने से ज्वर ठीक हो जाता है।

इसका ज्यादा मात्रा मे प्रयोग नही करना चाहिए क्योंकि इससे ज्यादा खाने से कब्ज आदि जैसी समस्या हो सकती है और किसी चिकित्सक की सलाह भी ले ।
लेकिन इसके बावजूद भी इसके बहुत फायदे है। धन्यवाद
 


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