मछली खाने के फायदे और मछली खाने के नुकसान

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जब भी मछली(Fish) खाने की बात होती है तो लोग कहते हैं कि जो मछली ज्यादा खाते हैं इसलिए उनके बाल लंबे, काले और मोटे होते हैं. साथ ही उनकी आंखों भी खूबसूरत होती हैं.
पर आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मछली खाने से न केवल बाल खूबसूरत बनते हैं बल्कि इसके और भी कई हेल्थ बेनेफिट हैं, जो शायद ही किसी दूसरे खाद्य में मिलते हों.
मछली में लो फैट होता है और बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन. ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाने के कारण भी मछली स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है. मछली में विभिन्न प्रकार के विटामिन, खनिज और कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं इसलिए मछली का सेवन शरीर की कई जरूरतों को पूरा करता है।जो सप्ताह में कम से कम एक बार वसीय मछली खाते हैं, उनमें हृदयाघात की संभावना 50 प्रतिशत तक घट जाती है। यद्यपि सप्ताह में एक दिन मछली खाना फायदेमंद है, परन्तु इसके और अधिक मात्रा में खाने से और बेहतर फायदा नहीं होता।
 
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1. कैसर से बचाव:
जो लोग नियमित रूप से मछली का सेवन करते हैं उन्हें कैंसर होने का खतरा कम होता है. मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है, जो कैंसर से बचाव करता है. इसे खाने से ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर से बचाव होता है. अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं तो अपने आहार में मछली को इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा।

2. दिल के लिए:
मछली में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल और धमनियों को मजबूत बनाता है। मछली शरीर में अच्छे कोलस्ट्राल के स्तर को बढा़ता है, जिससे धमनियों में खून नहीं रूकता। हृदय रोगियों के लिए मछली खाना बहुत फायदेमंद होता है।

3. दिमाग तेज करने के लिए:
अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा तेज दिमाग वाला बने तो उसे आज से ही मछली खि‍लाना शुरू कर दीजिए. मछली में मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क को तेज करने का काम करते हैं. मछली में मौजूद फैटी एसिड दिमाग को तेज करता है और स्मरण शक्त‍ि बढ़ाता है. इसके साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन से मस्त‍िष्क की नई कोशिकाओं का निर्माण होता है। मछली में पाये जाने वाले ओमेगा-3 एसिड से तनाव समाप्त होता है। इसके अलावा मछली खाने से दिमाग तेज होता है और भूलने की बीमारी में भी फायदा होता है।

 
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4. रक्तचाप:
अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो मछली खाना आपके लिए बहुत ही फायदेमंद है क्योंकि मछली और मछली का तेल दोनों ही ब्लड प्रेशर को कम करते है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार ओमेगा-3 फैटी एसिड से युक्त मछली के नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप पीड़ित व्यक्ति के रक्तदाब में उल्लेखनीय कमी आती है।

5-मोटापा – मछली खाने से शरीर के अंदर मौजूद अतिरिक्त वसा समाप्त होती है, जिससे मोटापा कम होता है। मोटे लोगों को लंच और डिनर में मछली और मछली का तेल प्रयोग करना चाहिए।

6-आंखों की रोशनी – मछली खाने से आंखों की रोशनी बढती है। मोतियाबिंद या आंखों में सूखेपन जैसी समस्याओं को मछली खा कर आराम से दूर किया जा सकता है। हफ्ते में कम से कम दो बार मछली खाने से आंखों की सूजन कम होती है और मासपेशियां मजबूत बनती हैं।
विटामिन ए के कारण मछली, आंखों के लिए भी फायदेमंद होती है।

7-प्रोटीन का अच्‍छा स्रोत
मछलियों में आवश्यक अमीनो एसिड की भरपूर मात्रा में होने के कारण मछली प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। मछली प्रोटीन लाइसीस और थ्रियोनियन में समृद्ध होती है जो अनाज में पाए जाने वाले प्रोटीन के साथ एक पूरक आहार बनाती है। छोटी मछलियां को अगर हड्डी समेत खाया जाये तो यह कैल्शियम का भी बहुत अच्छा स्त्रोत है।

8-त्वचा के लिए – मछली खाने से झुर्रियां नहीं पडती हैं। मछली में मौजूद तत्व सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से शरीर की त्वचा को बचाता है।
मछली में मिलने वाले ओमेगा-3 की वजह से इसका सेवन करने वालों की त्वचा और बाल खूबसूरत बने रहते हैं. इससे त्वचा की नमी नहीं जाने पाती है और बाल भी चमकदार बने रहते हैं।




 
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9-विटामिन सी से भरपूर्ण
रोहू मछली में काफी सारा विटामिन सी होता है जिससे स्‍वास्‍थ्‍य से संबन्‍धित बीमारियां दूर होती हैं। कफ-सर्दी आदि रोहू खाने से दूर हो जाते हैं।

10-रूसी और खुजली खत्म करता है-

अगर आप नियमित तौर पर मछली खाएंगे तो ये बालों के लिए काफी अच्छा होता है। सर्दियों के समय होने वाली रूसी और खुजली से निजात पाने के लिए भी मछलियों का सेवन करना चाहिए। मछली के तेल में एंटीऑक्सीडेंट और विरोधी गुण होते हैं, जिनकी मदद से आपके स्केल्प में किसी तरह की परेशानी नहीं होती ना ही आपको रूसी और खुजली से परेशान होने की समस्या होगी

11-मछली का प्रयोग गर्भावस्था में करने से बच्चे के अंतर्निहित विकास में बहुत मदद मिलती है। शोध के अनुसार, मछलियों में ओमेगा–3 फैटी एसिड की उपस्थिति बच्चे के मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है। गर्भावस्‍था के दौरान मछली के सेवन से भ्रूण को पर्याप्‍त मात्रा में रक्त की आपूर्ति के कारण अधिक पोषण मिलता है। यानी बढ़ा हुआ ब्‍लड सर्कुलेशन प्लेसेन्टा में अधिक रक्त प्रवाहित करता है और इसके फलस्वरूप भ्रूण रक्त से अधिक पोषण प्राप्त कर पाता है।

 
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-डायबिटीज के लिए फायदेमंद- अध्‍ययन में पाया पाया कि मछली खाने से डायबिटीज रोगियों का ब्‍लुड सुगर कन्‍ट्रोल रहता है। इससे ग्‍लुकोज धीमी गति से बढ़ता है और इंसुलिन का स्‍तर बढ़ता है।

-खनिज स्रोत से भरी
आयरन, जिंक, आयोडीन, पोटैशियम, कैल्‍शियम और सेलेनियम आदि कुछ ऐसे खनिज हैं, जो शरीर को रोहू मछली खाने से प्राप्‍त हो सकते हैं।

मछली को उबालकर, तलकर या फिर पकौडे़ बनाकर भी खाया जा सकता है। मछली खाने से केवल कैंसर ही नहीं बल्कि कई सामान्य बीमारियां भी दूर होती हैं। डायबिटीज रोगियों के लिए मछली बहुत फायदेमंद है।

-अगर आप नॉन-वेज खाते हैं और उसमें भी मछली खाते हैं, तो रोहू मछली के बारे में तो जानते ही होंगे विटामिन C से भरपूर रोहू मछली को खाने से स्वास्थ संबधी कई फायदे होते हैं।

-मछली, खासकर तेलीय मछलियों, जिनमें डीएचए बहुत अधिक मात्रा में होता है, से इस कमी को आमतौर पर पूरा किया जाता है। मैकरेल, सार्डीनीज और टूना मछलियों में डीएचए अधिक मात्रा में होता है, जबकि कोड, प्लाट्स और मॉकफिश जैसी मछलियों के सिर्फ यकृत में ही यह पाया जाता है।

-जो लोग मछली का सेवन रोज करते है उनकी बालो की खूबसूरती हमेशा बरकरार रहती है साथ हीं बाल घने चमकदार दीखते है । इसके अलावे सफ़ेद बाल होने की संभावना काफी कम होती है |
 
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-अस्थमा रोगियों के लिए रोजाना तीन ग्राम फिश ऑयल लेना उनके अस्थमा की समस्याओं को दूर कर सकता है ।जो अस्थमैटिक मरीज सप्ताह में दो बार मछली का सेवन करते हैं, ऐसे मरीजों में लगभग 90 फीसदी अस्थमा की समस्याएं कम हो जाती हैं।

-हफ्ते में तीन से चार बार मछली खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल का स्‍तर बढ़ता है और हृदय रोग की बीमारियों का खतरा नहीं होता। सैमन, मैकरेल और सार्डीन मछली में मछलियों ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो दिल के लिए सही होता है। इसे अतालता को रोकने, रक्त के थक्के को कम करने, ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में कमी लाने और ब्‍लड़ प्रेशर को कम करने के लिए जाना जाता है।

नुकसान -मछली खाने के बाद दूध या दही का सेवन करने के लिए मना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि मछली के बाद इन चीज़ों के सेवन से त्वचा पर सफेद धब्बे पड़ जाते हैं
-अधिक फिश ऑयल लिया जाता है तो सांस संबंधी विकार, दस्त की समस्या और नाक से खून बहना इत्यादि की समस्या हो सकती है।

-मछली भी कम ही खानी चाहिए । मछली का तेल भी आता है । मछली के पकोड़े भी खाते है लोग । मछली खाने की और भी कई वेरायटी है । ड़ाकटर से भी पुछ ले क्योंकि कभी ऐसी स्थिति होती है जहा हमे वह नही खाना होता ।एक और बात वह तामसी भोजन होता है । धन्यवाद ।

 
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