सोंठ के फायदे और सोठ के गुण

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सोंठ के फायदे और सोठ के गुण हिंदी में

सोंठ(Ginger) या सुखी अदरक का उपयोग से घर बैठे कई औषधियां बना सकते हैं। सोंठ या सुखी अदरक का उपयोग भोजन में स्वाद के लिए भी किया जाता है। सोंठ एक बहुत उपयोगी घरेलू औषधि है। सौंठ अदरक का ही एक रूप है, अदरक को सुखाकर सौंठ बनाई जाती है। सौंठ पेटरोग, वातरोग, बावासीर, आफरा, आदि रोगों का नाश करती है। सोंठ में कफनाशक गुण होने के कारण यह खांसी और कफ रोगों में उपयोगी है। सोंठ में बहुत से अच्छी चीज़ें पायी जाती है जिसकी वजह से सोंठ के बहुत से फायदे हैं।
सोंठ में प्रोटीन, नाइट्रोजन, अमीनो एसिड्स, स्टार्च, ग्लूकोज, सुक्रोस, फ्रूक्टोस, सुगंधित तेल, ओलियोरेसिन, जिंजीवरीन, रैफीनीस, कैल्शियम, विटामिन `बी` और `सी`, प्रोटिथीलिट एन्जाइम्स और लोहा भी मिलते हैं।

सोंठ के फायदे:

1: दिल की गति सही रखे- दिल कमजोर हो, धड़कन तेज या बहुत कम हो जाती हो, दिल बैठने लगता हो तो 1 चम्मच सोंठ को एक कप पानी में उबालकर उसका काढ़ा बना लें। यह काढ़ा रोज इस्तेमाल करने से लाभ होता है।

2: भूख के लिए – भोजन से पहले अदरक को चिप्स की तरह बारीक कतर लें। इन चिप्स पर पिसा काला नमक बुरक कर खूब चबा-चबाकर खा लें फिर भोजन करें। इससे अपच दूर होती है, पेट हलका रहता है और भूख खुलती है।

3: हिचकी के लिए – सोंठ को दूध में मिलाकर उबालकर ठंडा कर लें। ठंडा होने के बाद पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। अगर पसलियों में दर्द हो तो पानी के साथ उबालकर ठंडा कर के दिन में चार बार पीने से आराम मिलता है।

4: पेट गैस – सोंठ, काला नमक और हींग को एक साथ मिलाकर लेने से पेट में गैस की समस्या से आराम मिलता है। पीसी हुईं सोंठ और कैरम के बीज को नींबू के रस में भिगोकर छाया में सुखा लें। रोज सुबह इसका सेवन करने से गैस और पेडू से दर्द से आराम मिलता है।

5: सिर – माइग्रेन, गर्दन, सिरदर्द और शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होने पर सूखी अदरक और पानी का लेप बनाकर लगाने से आराम मिलता है। सूखी अदरक को सूंघने से सिर दर्द को आराम पहुंचाता है।

6: खांसी- एक चम्मच सोंठ के चूर्ण के साथ एक चम्मच मुलहटी का चूर्ण गुनगुने पानी में लेने पर छाती में जमा कफ बाहर निकलता है और खांसी में आराम मिलता है।

7: कब्ज- कब्ज होने पर एक चम्मच सोंठ का पाउडर पानी में डाले और उस पानी को उबालकर पी लें। कब्ज में ये उपाय रामबाण है।

8: गठिया रोग दूर होता है
10 ग्राम सोंठ 100 मिलीलीटर पानी में उबालकर ठंडा होने पर शहद या शक्कर मिलाकर सेवन करने से गठिया रोग दूर हो जाता है।

9: ड़ायरिया -डायरिया के इलाज के लिए सोंठ पावडर बहुत ही फायदेमंद होता है। थोडे से गुनगुने पानी में एक चम्मच सोंठ का रस या पावडर डालकर इसे दिन में 2 से 3 बार लेने से डायरिया की समस्या दूर होने लगती है।

10: दांतो के लिए -सोंठ पावडर हमारे दांतों की तकलीफों को भी दूर करने में बहुत उपयोगी माना जाता है। यदि आपके मसूडों में सूजन है तथा दांत में दर्द है तो सोंठ पावडर में चुटकी भर हल्दी मिलाकर प्रभावित क्षेत्र में इस मिश्रण को लगाने से लाभ होता है तथा दर्द कम होने लगता है।

11: दस्त -एक चम्मच पिसी हुई सोंठ की पानी के साथ फंकी लेने से भी इस तरह के दस्त ठीक होते है। यदि दूध पीने से दस्त लग जाते हो तो दूध में चौथाई चम्मच पिसी हुई सोंठ डालकर उबालें। फिर ठंडा करके पिएँ।

12: आंखो –
आंखों के रोग – सोंठ नीम के पत्ते या निंबोली पीसकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर गोलियां बना लें। गोली को मामूली गर्म कर आंखों पर बांधने से आंखों की
पीड़ा कम होती है।

13: सौंठ (सूखी अदरक) और गुड़ को पानी में डालकर पकाने के लिए आग पर रख दें। पकने पर जब पानी चौथाई हिस्सा बाकी रह जाये तो इसे गर्म-गर्म ही छानकर 3 बार में पी जायें।
 



 
-सुबह खाली पेट रोजाना आधा कप पानी में दो चम्मच अदरक का रस मिलाकर पीने से मल के साथ आंव आनी बंद हो जाती है। पाचन की कमजोरी के कारण आंव बनती है। इसके बनने से कमर में दर्द , नींद नहीं आना या सिर दर्द होना आदि समस्याएं पैदा हो सकती है।

-सोंठ के औषधीय गुण , अदरक गति से सम्बंधित बिमारियों के बचाव में लाभदायक है। यह मितली, ठण्ड में पसीने, चक्कर आने और उल्टी में कमी करता है। यह गर्भवती महिलाओं में सुबह की सम्स्याओं को ठीक करने में भी प्रभावी है।

-रक्त में ज़्यादा मात्रा में शुगर का पाया जाना कई लोगों की समस्या बन जाती है। पर रक्त में उच्च शुगर का उपचार करने के कई प्राकृतिक उपचार उपलब्ध हैं। आप थोड़े से नमक के साथ 2 ग्राम अदरक का पाउडर ले सकते हैं। अगर आप रोज़ सुबह खाली पेट इसका सेवन करें तो आप पाएँगे कि आपके शरीर का उच्च शुगर काफी नियंत्रित हो गया है।

-सोंठ में अदरक के सारे गुण मौजूद होते हैं। सोंठ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वातनाशक औषधि है। सोंठ में वायुनाशक गुण होने से यह विरेचन औषधियों के साथ मिलाई जाती है। यह शरीर में समत्व स्थापित कर जीवनी शक्ति और रोग प्रतिरोधक सामर्थ्य को बढ़ाती है।

-सोंठ का उपयोग प्राचीनकाल से ही होता आ रहा है – आधा सिरदर्द में सोंठ को चंदन की घिसकर लेप करें

-आपके मसूड़ों में सूजन व दर्द की समस्या है तो एक चम्‍मच सोंठ के चूर्ण को पानी के साथ लें आपके मसूडों के दर्द में आराम मिलेगा।

-शहद और सोंठ पाउडर को चाटने से बुखार में भी राहत मिलती है।

-सोंठ को दूध में उबालकर ठण्डा करके पीनेे से हिचकी मे आराम मिलता है।

-सोंठ, हींग और काला नमक मिलाकर लेने से गैस की समस्या में लाभ होता है। पिसी हुई सोंठ और कैरम के बीजों को नींबू के रस में भि‍गोकर छाया में सुखाकर प्रतिदिन सुबह लेने से गैस और पेडू कमर दर्द में आराम मिलता है।

– बुढ़ापे में पाचन क्रिया कमजोर पड़ने लगती है। वात और कफ का प्रकोप बढ़ने लगता है। हाथो पैरो तथा शारीर के समस्त जोड़ो में दर्द रहने लगता है। सौंठ मिला हुआ दूध पीने से बुढ़ापे के रोगों से राहत मिलती है।

– आपको जोड़ों में दर्द है, तो सूखी अदरक जिसे हम सोंठ भी कहते है काफी लाभदायक होती है। सोंठ, जायफल को पीसने के बाद तिल के तेन में डाल लें। फिर इस मिश्रण में पट्टी को भिगो लें अब इसे जोड़ों पर लगाने से आराम मिलता है। इसके अलावा उबले हुए पानी के साथ शहद और अदरक पाउडर को पीने से गठिया रोग में आराम मिलता है।

-सोंठ हमारे हृदय के स्वास्थ को बनाए रखने के लिए एक अत्यंत ही आदर्श औषधी है। यह हायपर टेंशन को कम करती है। सोंठ पावडर की वजह से हमारे शरीर में रक्त को पतला होने में सहायता प्राप्त होती है। जिससे शरीर में ब्लडक्ल़ॉट्स नहीं होते। इस प्रकार सोंठ हमारे शरीर को दिल का दौरा पडने से सुरक्षा प्रदान करती है। सोंठ हमारे शरीर में कोलेस्टेरॉल की मात्रा को भी नियंत्रित करने में बहुत ही प्रभावशाली मानी जाती है।

-कैंसर रोधी गुण है जो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को आगे बढ़ने से रोकते है। साथ ही गर्भाशय में कैंसर होने की संभावनाओं को कम करता है।

-सोंठ के चूर्ण में देशी घी मिलाकर मलना चाहिए इससे खून की गति बढ़ जाती है। महिलाओं में गर्भपात रोकने के लिए सोंठ, मुलहठी और देवदारू का दूध के साथ सेवन करना चाहिए। इससे गर्भ पुष्ट होता है। बच्चों के पेट में यदि कीडे़ हों तो उन्हें
अदरक के रस की एक−एक चम्मच मात्रा दिन में दो बार नियमित रूप से देनी चाहिए। अदरक का कोसा रस कान में डालने पर कान का दर्द ठीक हो जाता है।

सोंठ के फायदे बहुत सारे हैं पर आप इसे गर्मी मे कम प्रयोग करे। इसका नुकसान भी हो सकता है। सोंठ को इस्तेमाल करते समय किसी चिकित्सक से जरूर पुछे। धन्यवाद
 




 

 

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