SSD (Solid State Drive) Kya Hai [ Full Explained in Hindi]

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दोस्तों, आज भी मैं आपसे कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी बात करने जा रहा हूँ, ये बात है PC यानि की कंप्यूटर से जुडी. आज हम आपसे PC की मैमोरी के बारे में बात करेंगे, यानि की कंप्यूटर की मैमोरी की. Computer में मेमोरी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना मैमोरी के हम कोई भी काम आसानी से नहीं कर सकते।
 

 
कंप्यूटर की मेमोरी कई तरह की होती है, जिनमें से सबसे खास मेमोरी है जो कि शायद अभी आपके कंप्यूटर में हो HDD, इसका पूरा नाम Hard Disk Drive है। लेकिन आज हम यहां पर इसकी बात नहीं बल्कि इससे भी एक तेज मैमोरी जो कि आजकल के कंप्यूटर में ही आपको मिलेगी या फिर कहे तो लैपटॉप और नए कंप्यूटर में मिल जाएगी। इस मेमोरी का नाम है SSD (Solid State Drive).

आज हम आपको SSD के बारे में बताएँगे। SSD के बारे में जानने से पहले हमें शुरू से जानना होगा, ताकि आप SSD को जान पाएं। सबसे पहले बात करते है HDD की.
 

 



HDD Information in Hindi

हार्ड ड्राइव के बारे में वैसे तो हम सभी लगभग लगभग जानते हैं लेकिन फिर भी मैं आपको जानकारी के लिए बता दूं की हार्ड ड्राइव बहुत ही पुराना मेमोरी का साधन है जिसे हम बहुत ही सालों से कंप्यूटर फोन या फिर गाने सुनने के पुराने प्लेयर इस्तेमाल करते आए हैं। हार्ड ड्राइव एक मैकेनिकल पार्ट है जिसमें बहुत सारे ऐसे पार्ट होते हैं जिसके जरिए वह घूमता है और मेमोरीज जो कि हमारे कंप्यूटर में है या फिर गाने के प्लेयर में हैं उनको पढ़ता है वह हमें बताता है।

आपने ग्रामोफोन जरूर देखा होगा, ग्रामोफोन में एक सुई होती थी और उसमें एक तवा जैसा एक प्लेयर होता था वह घूमता था और एक सुई उस तवे पे यानि की प्लेयर पे लगती थी और गाना चलता था। यह हार्ड डिस्क भी ग्रामोफोन जैसी ही है। यानी कि इसकी कार्यप्रणाली भी ग्रामोफोन से मिलती है। हार्ड डिस्क पर भी एक ऐसा ही प्लेयर होता है जो घूमता है और उसमें रीडर होते हैं छोटे-छोटे प्लेयर के नीचे, प्लेयर घूमता है तो और वह रीडर उसे रीड करते हैं ,और फिर वह मेमोरी प्ले होती है यानि वह काम करती है। यानी कि इसमें मूविंग पार्ट होते हैं इसके अंदर फिजिकल मूविंग होती है और डेटा को रीड किया जाता है।

अब हम जानते है हमारे टॉपिक SSD के बारे में, यानि की सॉलिड स्टेट ड्राइव के बारे में.
 

 



SSD क्या है ? What is SSD in Hindi

SSD का पूरा नाम Solid State Drive है। इसको समझने के लिए आप पेन ड्राइव का Example कर सकते हो। आपका Memory Card भी एक तरह का Solid State Drive ही है, क्या आपके Memory Card के अंदर कोई फिजिकल मूवमेंट हो रही है, क्या पेन ड्राइव के अंदर कोई चक्कर घूमता है, उत्तर है बिलकुल नहीं.

दरअसल SSD यानि की Solid State Drive के अंदर छोटी-छोटी चिप और प्रोसेसर होते हैं, यहाँ पर कोई भी फिजिकल मूवमेंट नहीं होती है यहां पर डाटा छोटे-छोटे चिप में रहता है और जो कंट्रोलर यानी कि जिससे हम उसे खोलते हैं वह डाटा उससे खुल जाता है। Solid State Drive में Chips होती हैं और उसका साइज़ बहुत छोटा होता है। जानकारी के लिए आपको बता दूँ कि आज कल 32 GB का मैमोरी कार्ड बिलकुल सेम साइज़ में आता है और 8 GB का मैमोरी कार्ड है वो भी सैम साइज़ में आता है।

तो आपको यही समझ नहीं आता होगा कि यह कैसे होता है, तो मैं आपको बता दूं कि यह सब chips का ही कमाल है क्योंकि कोई चिप्स बड़ी होती है तो कोई चिप्स बहुत ही छोटी होती है। जैसे कि आप एक बार को उदाहरण के लिए कैमरे में लगने वाला 1 GB का मेमोरी कार्ड भी देख सकते हो कि कितना बड़ा होता है। क्योंकि उसके चिप्स हमारे मोबाइल में लगने वाले मेमोरी कार्ड से थोड़ी बड़ी होती है।

यह एक अच्छी और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है लेकिन यह ज्यादा साइज में नहीं आती है। SSD अधिक से अधिक अभी तो केवल 10 TB तक ही आ सकती है। लेकिन हार्ड डिस्क जिनमें फिजिकल मूवमेंट होते हैं वह 100TB तक भी आ सकती है।
 

 
अगर हम HDD की बात करें तो वह हमारे कंप्यूटर या Laptop की Battery अधिक लेगी। लेकिन अगर वही बात करें SSD की, तो वह हमारे लैपटॉप या फिर कंप्यूटर की बैटरी बहुत ही कम लेगी क्योंकि उसमें जो डाटा होता है वह चिप्स में रहता है जो की बहुत ही कम बैटरी लेते हैं।

और HDD में फिजिकल मूवमेंट होती है जिसके कारण बैटरी अधिक लगती है जिससे बैटरी लाइफ टाइम कम होता है। यानी कि अगर आप लैपटॉप की बैटरी भी ज्यादा चलाना चाहते हो तो आपके लैपटॉप में SSD होनी चाहिए या नहीं सॉलिड स्टेट ड्राइव. लेकिन अगर आपके पास बिजली की कोई कमी नहीं है या फिर बैटरी की कमी नहीं है या एक तरह से मानो की आपके पास कंप्यूटर है तो आप हार्ड ड्राइव यूज़ कर सकते हो।

अगर हम SSD की बात करें तो वहां पर कोई भी वाइब्रेशन नहीं होती वह एकदम साइलेंट काम करती है और उसके अंदर माइक्रोचिप होती है जिसमें डाटा रहता है, जब हम उस डाटा को एक्सेस करते हैं तो वह हमारे पास आसानी से और तेज तरीके से उपलब्ध हो जाता है। अगर हम बात करें नॉर्मल मेमोरी कि तो हमेशा SSD यानि की Solid State Drive ही बेस्ट है, इसमें कोई झिजक नहीं है।
 

 
आज कल सभी तरह की मेमोरी SSD में ही आने लग गई है। इसमें कोई शक नहीं कि आने वाले 10 से 15 सालों में HDD का काम बंद हो जाएगा और SSD [Solid State Drive]👏 ही बहुत ही तरक्की कर जाएगी।

यानि अब मैं आपको कुल मिलाकर इन सब का कुछ शब्दों में कहूं तो SSD एक प्रकार का मेमोरी का साधन है जिस में बहुत सारी माइक्रोचिप होती है जिसमें हमारी मेमोरी या फिर डाटा एकत्रित होता है जैसे की वीडियोस, गाने आदि। यह Memory Card, Pen drives आदि में आता है।

दोस्तों, उम्मीद करता हूँ आप सभी लोग SSD के बारे में समझ गए होंगे. अगर आप रोजाना ऐसे ही रोचक पोस्ट पढ़ना चाहते हैं तो हिंदी से हेल्प का न्यूज़ लेटर और यूट्यूब चैनल भी जरुर सब्सक्राइब करें। और इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करके अपने दोस्तों को भी कुछ नई जानकारी देने की कोशिश करे, धन्यवाद।

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