सरदार वल्लभ भाई पटेल कौन थे ? सरदार पटेल के विचार | सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में नडियाद, बंबई प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत में हुआ था। वल्लभ भाई पटेल जी भारत की आजादी के पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री बने थे। पटेल जी भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। बारडोली(गुजरात) सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पटेल जी को सत्याग्रह की सफलता पर वहाँ की महिलाओं ने सरदार की उपाधि प्रदान की। तब से उन्हें सरदार वल्लभ भाई पटेल कहा जाने लगा। आजादी के बाद अलग अलग रियासतों में बटे भारत का एकीकरण करने में मुख्य भूमिका निभाने के लिए पटेल जी को लौह पुरूष भी कहा जाता है।

 

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल कौन थे ?

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी आजाद भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे।

 

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति (Statue of Unity)

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है, जिसकी लम्बाई 182 मीटर (597 फीट) है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का एक विशाल स्मारक है।

 

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध क्यों लगाया था ?

सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 4 फरवरी 1948 को आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस वक्त पटेल जी भारत के गृह मंत्री थे। उन्होंने प्रतिबंध लगाते हुए चिट्ठी में लिखा था कि, इसमें कोई दो राय नहीं कि आरएसएस ने हिन्दू समाज की सेवा की है। जहां भी हिन्दू समाज को किसी तरह की जरूरत महसूस हुई, वहीँ पर संघ ने बहुत अच्छे सेवा की। पर इसका एक नुकसान भी है, जो लोग मुसलमानों से बदला लेने के लिए उन पर हमले करते हैं। हिन्दुओं की मदद करना एक अच्छी बात है पर गरीब, असहाय, मुस्लिम महिला और बच्चों पर हमला करना सहन करने लायक नहीं है।

पटेल ने अपने बयानों में साफ कर दिया था कि भले ही गांधी हत्या में संघ का सीधा हाथ नहीं था लेकिन संघ के कारण ऐसा माहौल बना जिससे गांधी जी की हत्या हुई। पटेल ने आगे लिखा कि संघ की कार्य सरकार और राज्य के लिए सही नहीं थीं।

 

सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनो का भारत

सरदार वल्लभभाई पटेल को राष्ट्रीय एकता का सूत्र कहा जाता है। भारत की सात सौ से अधिक रियासतों को वल्लभभाई पटेल ने शाम, दाम, दण्ड भेद से भारत देश की एकता के सूत्र में पिरोया था और महान भारत का निर्माण किया था। भारत का इतिहास आज भी सहिष्णुता और अहिंसा का संगम है। सरदार पटेल जी आज जीवित होते तो उन्हें यह देखकर पीड़ा होती कि भारत अंग्रेज़ो से मुक्त होकर भी आज धर्म, जाति और भाषा के फेर बदल में फसा हुआ है? राजस्थान राज्य की स्थापना 30 मार्च, 1949 को सरदार वल्लभभाई पटेल के के द्वारा की गयी थी।

सरदार पटेल एक किसान के बेटे थे और वह किसान को सबसे अच्छा देखना चाहते थे। वल्लभभाई पटेल युवाओं में ईमानदारी का जुनून पैदा करना चाहते थे।

सरदार पटेल का कहना था कि “धर्म, जाति, संप्रदाय और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत एक देश है, हम एक व्यक्ति हैं इसलिए हम एक राष्ट्र हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनो का भारत यही था कि “धर्म, जाति, संप्रदाय और क्षेत्र से ऊपर उठकर युवा किसान को सबसे ऊपर देखना चाहते थे।

 

सरदार वल्लभभाई पटेल स्लोगन

  • Manpower without Unity is not a Strength unless it is harmonized and United properly, Then it becomes a spiritual power.
  • Religion is a matter between the man and his Maker.
  • It is in my nature to be a friend of the friendless.
  • Every citizen of India must remember that he is an Indian and he has every right in this country but with certain duties.
  • Ours is a non-violent war, It is Dharma YUDDHA.

 

 

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