जामुन (Jambul) क्या है ? जामुन खाने के फायदे और नुकसान | जामुन के औषधीय गुण

जामुन (Jambul) क्या है ?

जामुन एक सदाबहार (हर मौसम में चलने वाला) वृक्ष है जामुन के फल बैंगनी रंग के होते हैं जो कुछ कुछ काले दिखते हैं। यह वृक्ष भारत और इण्डोनेशिया और एशिया में अधिक पाया जाता है। इसका फल बहुत ही स्वादिष्ट और गुणदायक होता है इसे कई नामों जैसे जामुन, काला जामुन, राजमन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि नामों से जाना जाता है। यह अम्लीय प्रकृति का होता है जिसके कारण इसे नमक के साथ खाया जाता है।

 

 

जामुन का वानस्पतिक नाम क्या है ?

जामुन का वानस्पतिक नाम ‘Syzygium cumini‘ है। जामुन को जाम्बोलिन, जावा पल्म, ब्लैक पल्म भी कहा जाता है।

 

 

जामुन खाने के फायदे

  1. जामुन दांतों के लिए फायदेमंद होता है
  2. दांतों के लिए भी जामुन बहुत फायदेमंद होता है। जामुन की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो दांतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। जामुन की पत्तियों के पाउडर को दांतों को साफ करने के लिए उपयोग किया जाता है।

  3. जामुन मुहासों के लिए फायदेमंद होता है
  4. चेहरे पर मुंहासे होने पर इसके इलाज के लिए जामुन का प्रयोग किया जाता है। जामुन के बीज को पीसकर और उसमे दूध मिलाकर घोल बनाकर चेहरे पर लगाएं और सूखने के थोड़ी ही देर बाद चेहरे को पानी से धो लें। इससे मुहासे बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं और त्वचा भी स्वस्थ रहती है।

  5. जामुन शरीर में कमजोरी दूर करता है
  6. शरीर की कमजोरी को दूर करने और खून की कमी को दूर करने में जामुन का रस बहुत फायदेमंद होता है। यह शरीर में कमजोरी की परेशानी को दूर करता है।

  7. जामुन मुंह के छालों को दूर करता है
  8. जामुन के पत्तों को पीसकर और हलके गरम पानी में घोल लें अब इसे छानकर गरारे करें, मुँह के छाले बहुत जल्दी ठीक हो जायेंगे। आप इसको खा भी सकते हैं इसे खाने से भी छाले ठीक हो जाते हैं।

  9. पीलिया की बीमारी में जामुन फायदेमंद होता है
  10. पीलिया की बीमारी में भी जामुन का सेवन बहुत लाभकारी होता है। पीलिया की बीमारी हो जाने पर जामुन के ताजा फलों का रस लेकर उसमे थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करने से फायदा होता है।

 

भारत में जामुन की खेती कहाँ होती है ?

भारत जामुन पैदा करने में दुनिआ में दुसरे नंबर पर आता है वहीँ भारत में महाराष्ट्र प्रमुख जामुन निर्माता है जिसके बाद उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु , गुजरात, असम आदि आते हैं। इन प्रदेशों में जामुन को इन नामों इंडियन ब्लैक पल्म, जमभूल (मराठी), जम्बू (गुजराती), निराले हान्नु (कन्नड़), नागा पैहम(तमिल), नेरेडपांडु (तेलुगु) नवल पैहम (मलयालम), जैम (बंगाली) से जाना जाता है।

 

जामुन फल कब देता है ?

जामुन का फल आना मई से शुरू हो जाता है और जून-जुलाई में जामुन फल पके हुए चरण में आते हैं। छोटा जामुन का फल इन फलों के थोड़े बाद आता है।

 

 

2 COMMENTS

  1. AAp Ki ye post maine puri padhi hai aap ka likhne ka style bhot hi accha hai har cheez describe karke aap likhte hai aaj hi pahli bar aapka blog padha hai aur aap ka blog padhne ke bad subscribe kar liya kyunki aap bhot achi tarha se jankari aur poori jankari dete hai, ye sach hai ki aap sahayta karte hai.

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