जैतून के तेल के फायदे और नुकसान

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हम जैतून(Olive Oil) तेल के बारे मे बता रहे है। वह तेल आपको कही से भी मिल जाएगा। जैतून के तेल में भरपूर मात्रा में विटामिन E होता है, एंटीऑक्सीडेंट होता है जो त्वचा को इन्फेक्शन से बचाये रखता है। जैतून का तेल दरअसल फैट ऑब्टेनेड है जो की जैतून के पौधे में से मिलने वाले फल से प्राप्त होता है इसकी खेती पारम्पंरिक रूप से मेडिटेरियन रीजन में की जाती है। जैतून का तेल आश्चर्यजनक रूप से बालो को बढ़ने में, सुंदर व घने बनाने में मदद करता है। यह बालो की जड़ो को स्वस्थ रखता है और बालो को मुलायम भी रखता है. यह आईलैशेस के लिए भी उपयोगी साबित होता है।जैतून का तेल प्रकृति से मिलता है और उसमे विटामिन्स और न्यूट्रीशन होते है जो की बालो के बढ़ने के लिए जरुरी होते है. इसके रोजाना उपयोग से आईलैशेस स्वस्थ
रहती है।जैतून का तेल जल्दी ही गर्म हो जाता है ।जैतून का तेल एक अद्भुत पदार्थ है जो कि आपके बालों और त्वचा दोनों के लिए काफी कारगर सिद्ध होता है। अगर आप अंदरूनी रूप से भी स्वस्थ रहना चाहते हैं तो जैतून का तेल खाना बनाने में भी काफी उत्तम होता है। जो लोग अपने स्वास्थ्य का काफी ध्यान रखते हैं, वे अब स्वस्थ और चुस्त दुरुस्त रहने के लिए इस तेल का प्रयोग कर रहे हैं। यह सूरजमुखी के तेल या अन्य किसी भी तेल से काफी ज़्यादा फायदा पहुंचाता है। जैतून के तेल के प्रयोग से आपको मुलायम और चमकदार त्वचा प्राप्त होती है। इसमे विटमिन ए, बी, सी, डी और ई के साथ-साथ जैतून के तेल में आयरन और पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो बालों की कोमलता और मजबूती बढ़ाने में मदद करते हैं।
 



 

1. जैतून के तेल में फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हृदय रोग के खतरों को कम
करती है। मधुमेह रोगियों के लिए यह काफी लाभदायक है। शरीर में शुगर की मात्रा को
संतुलित बनाए रखने में इसकी खास भूमिका है। इसलिए आहार में भी इस तेल का प्रयोग किया जाता है।

2. जैतून के तेल में कैल्शियम की काफी मात्रा पाई जाती है, इसलिए भोजन में इसका उपयोग या अन्य तरीकों से इसे आहार में लेने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात मिलती है।

3. जैतून के तेल में संतृप्त वसा लगभग ना के बराबर होता है जिससे यह आपके शुुगर लेवल को नियंत्रित करता है। साथ ही इसे खाने से बॉर्डर लाइन डायबीटिज होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

4. जैतून के तेल को मेकअप रिमूवर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके प्रयोग से त्वचा रूखी भी नहीं होती और त्वचा का रंग गोरा होता है। यह त्वचा को पोषण प्रदान करता है।

5. वज़न घटाने में मदद: बहुत से लोगों को लगता है कि ऑलिव ऑयल में हाई कैलोरी होती है, जिससे वजन बढ़ता है। लेकिन यह गलत है। ऑलिव ऑयल से वजन बढ़ता नहीं, बल्कि कम होता है। स्टडी के मुताबिक, यह ऑयल ज्यादा समय तक आपकी
भूख को कंट्रोल में रखता है। साथ ही, यह मीठा खाने की इच्छा को भी कम करता है।

6. त्वचा के लिए -ऑलिव ऑयल एक मॉइश्चराइज़र की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसे रूखी त्वचा पर लगाने से स्किन मॉइश्चराइज़्ड रहती है। इसे रूखी एल्बो और घुटनों-
एड़ियों पर लगा सकते हैं। इसे बॉडी पर क्रीम की तरह रोज़ाना लगाया जा सकता है। इसे फेसपैक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

7. कैंसर के दर्द को कम करता है: ऑलिव ऑयल में फाइटोन्यूट्रिएंट्स ओलेकैंथेल होता है, जो इबोप्रूफेन की तरह पेन में रिलीफ का काम करता है। इसीलिए यह दर्द, सूजन और जलन को कम करने में मदद करता है। वहीं, स्टडी बताती है कि इस ऑयल में कुछ ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं, जैसे ओलेइक एसिड, जो कैंसर (खासकर ब्रेस्ट कैंसर) होने का खतरा कम करते हैं। साथ ही, यह जानलेवा कैंसर से शरीर को बचाता है, जैसे स्किन कैंसर।

8. बालों को बनाएं हेल्दी: बालों में लगाने वाले ज्यादातर प्रोडक्ट्स में ऑलिव ऑयल होता है। यह बालों को हेल्दी, मज़बूत और शाइनी बनाता है। बालों में अच्छे रिज़ल्ट के लिए इसे गरम करके बालों में लगाना चाहिए। इससे बालों में मज़बूती बनी
रहती है, साथ ही बाल हेल्दी होते हैं। यह बालों में सीरम की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है।

9. आज कल बहुत बड़ी समस्या है कब्ज ।कब्ज़ में आराम दिलाता है जैतून तेल अगर आपको कब्ज़ की दिक्कत रहती है, तो ऑलिव ऑयल डाइट में शामिल करना चाहिए। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम पहुंचाता है, कब्ज़ में राहत दिलाता है। साथ ही, यह गैस संबंधी तकलीफों में भी आराम दिलाता है।

10. बालों में अगर जुएं की समस्या हो तो सप्ताह में तीन बार बालों में जैतून का तेल लगाएं।जैतून का तेल जुओं को सांस लेने नहीं देता और उन्हें मार देता है। उसके बाद कंघी करें। इससे आसानी से जुएं की समस्या खत्म हो जाएगी।

11. मेटाबोलिज्म जैतून का तेल मेटाबोलिज्म, हड्डियों का विकास, और बच्चों में मस्तिष्क के विकास को बढ़ा देता है। यह विटामिन ई का बहुत अच्छा स्रोत है, जो कि बड़े लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है।

12. बेहतर पाचन जैतून का तेल पाचन प्रक्रिया में सहायता करने के लिए जाना जाता है। इसे एक औषधीय तेल के रूप में पाचन तंत्र को साफ करने के लिए और मल त्याग में सुधार करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

-डैंडरफ को पूरी तरह ठीक करे
डैंडरफ कई लोगों के लिए काफी बड़ी समस्या का कारण होता
है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही सिर में डैंडरफ की समस्या के
शिकार होते हैं। परन्तु अगर आप जैतून के तेल का प्रयोग करें और
इससे अपने सिर पर अच्छे से मालिश करें, तो इससे आपके सिर का
डैंडरफ प्रभावी रूप से गायब हो जाता है।

-कॉफ़ी में पाये जाने वाले कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट
सेल्युलाईट को कम तो करते हैं लेकिन सिर्फ थोड़े समय के
लिए। लेकिन लंबे समय के लिए कॉफ़ी के साथ जैतून के
तेल का इस्तेमाल करें। इसे रोज़ अपनी त्वचा पर लगाये।

-स्वास्थ्य के लिए लाभदायक स्किन कैंसर के लिए जैतून का तेल
काफी लाभदायक होता है।इस तेल में जितने ऎंटीऑक्सीडेंट गुण
होते हैं। उतने किसी अन्य तेल में नहीं। यह विटामिन ई और के का
भी अच्छा स्त्रोत है। इस की मालिश से शरीर को काफी आराम
मिलता है।

नहाने के बाद, शरीर को हल्का गिला रखे और चहरे पर जैतून के तेल
से मालिश करे.
2. मालिश होने के 15 मिनट बाद चहरे को गुनगुने पानी से धो लोजिये.
3. अगर आपकी त्वचा रूखी है तो, रात में सोने से पहले जैतून
का तेल लगाये और उसे सुबह तक रहने दे और सुबह उठने के बाद कुनकुने गर्म
पानी से चहरे को धो लीजिये.

-ऑलिव ऑयल और चीनी- काली त्वचा और काली कुहनियों
से छुटकारा पाने के लिए चीनी को ऑलिव ऑयल में मिला कर 5
मिनट तक स्क्रब करने से त्वचा साफ हो जाती है।

-जैतून के तेल में पका हुआ खाना
खाते है उनकी हड्डियाँ मजबूत होती है. उनके खून में
ओएस्तोकल्सिन की मात्रा ज्यादा होती है जो हड्डियों को
मजबूत रखते है.

-झुर्रियों के लिए
नींबू के रस में ऑलिव ऑयल को मिलाकर हफ्ते में तीन
बार चेहरे की मालिश कीजिए इससे झुर्रियों से निजात
मिलेगी।
चेहरे पर अगर झुर्रियां हैं तो ऑलिव ऑयल को चंदन के पावडर के साथ मिलाकर
10 मिनट तक लगा रहने दीजिए।

-नाखूनों के लिए
अगर आपके नाखून बहुत कठोर हैं तो ऑलिव ऑयल के प्रयोग से नाखूनों को
लचीला बनाया जा सकता है
हर रोज करीब आधे घंटे नाखूनों को ऑलिव ऑयल में डूबोकर रखिए,
इससे नाखून नरम और लचीले हो जाएंगे

-जैतून का तेल बिना आपकी त्वचा को ऑयली और ड्राय
बनाये त्वचा का ऑइल कम करता है. जैतून का तेल हर किस्म की त्वचा
के लिये मोइस्चराइजर का काम करता है. इस बात का ध्यान रखे की जैतून
के तेल का कम से कम उपयोग करे. इसके अधिक मात्रा में उपयोग करने से आपके
चेहरे पर धब्बे आ सकते है.

-एंटी एगेंग – जैतून के तेल में खूब एंटीऑक्सीडेंट होते है. जिसमे से
हाइड्रोक्सिट्रोसल जो एगेंग क्रिया को कम करता है.
– ऑयली त्वचा – जैतून के तेल का रोजाना कम मात्रा में उपयोग
करने से त्वचा साफ रहती है
-सेंसिटिव त्वचा – जैतून के तेल से इरिटेशन नही होती इसीलिये
यह त्वचा के लिये फायदेमंद है. जैतून के तेल में न्यूट्रीशन होते है जो
जेंटल त्वचा के लिये फायदेमंद होते है.

– ध्यान -इसे अंधेरी और ठंडी जगह पर रखे.
– इस बात का ध्यान रखे की तेल धुप हवा और लाइट से दूर रहे.
-इसे अपारदर्शी काँच या स्टेनलेस स्टील की बोतल में रखे.
– ध्यान रहे की बोतल का ढक्कन अच्छी तरह से लगा हो
-इस पर दी गई तारीख देखे अगर यह 2 वर्षो से ज्यादा पुरानी हुई
तो इसका उपयोग ना ही करे तो अच्छा है.
– इसे लेने पहले इसकी खुशबु लेकर जरुर देखे. अगर इसमें से ख़राब खुशबु
आये तो इसे वापस करदे.
– सभी देशो में उच्च क्वालिटी का ही जैतून का तेल बनता है. पर
रिसर्च का कहना है की ये डोमेस्टिक देशो में ही बनता है और वहा
से मंगाया जाता है.

-यह ब्लडप्रेशर डाइबिटीज, अथ्राइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस
रामबाण का काम करता है। जैतून के तेल का प्रयोग लगभग पूरे
विश्व में किया जाता है। लेकिन भूमध्य सागरीय क्षेत्रों में इस का
प्रयोग अधिक होता है। यह काफी महंगा होता है।

नुकसान -जिन लोगो को जैतून के तेल से एलर्जी है उन लोगो को एक्जिमा और रैशेज
हो सकते है. तो इस बात का भी ध्यान रखे. तो इसीलिए जैतून
का तेल लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में कुछ दिन लगा कर देखे. अगर
एलर्जी हुई तो किसी चिकित्सक को दिखा दीजिये
-इसका ज्यादा मात्रा में उपयोग ना करे.
इसको जख्मो पर ना लगाये.
– इसे धुप और हवा से बचाकर सूखे और ठंडी जगह पर रखे.
गर्भवती महिलाओ ने इसका उपयोग कम करना चाहिये.

वह एक अच्छा तेल है अगर इसका सही से इस्तेमाल हो तो हमे ड़ाकटर को भी पुछ लेना चाहिए । अगर हम ड़ाकटर से सलाह लेते है तो हमारा ही फायदा है क्योंकि अगर हमे वह नुकसान हो तो पहले ही पता चल जाए । समझदारी दिखाए खुश रहे स्वस्थ रहे धन्यवाद
 



 

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