ह्रदय रोग क्या है ? हृदय रोग के कारण, लक्षण व इलाज

ह्रदय रोग क्या है ?

ह्रदय रोग हमारे ह्रदय में होने वाली समस्या को प्रदर्शित करती है। जिनका अगर सही समय पर उपचार ना कराया जाये। तो व्यक्ति को गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते है।

ह्रदय रोग के कई प्रकार के होते है। जैसे

  • रक्त वाहिका रोग।
  • कोरोनरी धमनी रोग।
  • हृदय के धड़कने में होने वाली परेशानी वाले रोग।
  • जन से जुड़े ह्रदय रोग।

ह्रदय रोग को डॉक्टरों की भाषा में कार्डियोवास्कुलर रोग के नाम से जाना जाता है। ह्रदय रोग में सबसे अधिक दिल का दौरा, व एनजाइना जैसी बीमारी का खतरा रहता है। इसीलिए आज आपको ह्रदय रोग से जुडी सम्पूर्ण जानकारी देने जा रहे है। तो आइये जानते है। ह्रदय रोग के प्रकार के बारे में।
 

 

कितने प्रकार के होते है ह्रदय रोग ?

अगर व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए सही दिनचर्या ना अपनाये।

तो उस व्यक्ति को कई प्रकार के ह्रदयरोग का सामना करना पड़ सकता है। जैसे

  • हार्ट अटैक की समस्या का होना।
  • हार्ट फेलियर की समस्या।
  • रक्त धमनी का रोग।
  • बाहरी धमनी की बीमारी।
  • रूमैटिक हार्ट डिजीज की समस्या।
  • दिल में छेद की समस्या।
  • हृदय वाल्व रोग।
  • अनियमित दिल की धड़कन।
  • एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या।
  • कोरोनरी धमनी से जुड़े रोग।
  • एनजाइना की समस्या।

जानिये ह्रदय रोग से जुड़े कुछ जरुरी कारणों के बारे में।

ह्रदय रोग कई प्रकार के कारणों से हमारे शरीर में जन्म ले सकता है। लेकिन इन कारणों का पता केवल ह्रदय रोग के प्रकार से ही पता लगाया जा सकता है। तो आइये जानते है।

  1. अनियमित दिल की धड़कन के कारण।
  2. हाई ब्लड प्रेशर के कारण।
  3. शुगर की समस्या की वजह से।
  4. धूम्रपान की वजह से।
  5. कोरोनरी धमनी की बीमारी की वजह से।
  6. दवाओं का दुरुपयोग की वजह से।
  7. अधिक तनाव के कारण।
  8. हृदय वाल्व रोग के कारण।
  9. जन्मजात समस्या के कारण।
  10. कार्डियोवास्कुलर रोग के कारण।
  11. कार्डियोवास्कुलर जैसी खतरनाक बीमारी भी कई कारणों की वजह से हमारे शरीर में जन्म लेती है। जैसे मोटापे के कारण। धूम्रपान के कारण। व्यायाम जैसी गतिविधि का ना करने के कारण। सही समय पर भोजन ना करने की वजह से।

  12. जन्मजात हृदय रोग के कारण।
  13. जन्मजात हृदय रोग की समस्या केवल बच्चे को माँ के गर्भ में होती है। अगर गर्भवती महिला गर्भावस्था के समय अपने शरीर का सही रूप से ख्याल ना रखे। तो इसकी वजह से बच्चे के ह्रदय के विकास के समय महिला के रक्त का प्रवाह बदलता है। अगर महिला अगर महिला सही समय पर सह उपचार ना ले। तो इस की वजह से बच्चे के ह्रदय को काफी हानियों का सामना करना पड़ सकता है।

  14. ह्रदय संक्रमण के कारण।
  15. ह्रदय में संक्रमण केवल एन्डोकैरडाइटिस के कारण ही जन्म लेता है। अगर किसी कारणवश कोई भी जीवाणु या वायरस हमारे हृदय तक पहुच जाता है। तो इस वजह से भी हमारे ह्रदय को परेसानी का सामना करना पड़ता है।

  16. हृदय वाल्व रोग के कारण।
  17. ह्रदय वाल्व रोग होने के पीछे भी कई कारण हो सकते है। जैसे रूमेटिक बुखार के कारण। संक्रामक एंडोकार्डाइटिस की वजह से। कनेक्टिव ऊतक की वजह से।

     

     

    जानिये ह्रदय रोग के लक्षणों के बारे में

    • अधिक चिंता का होना।
    • सांस फूलने की समस्या का होना।
    • जल्दी थकान का होना।
    • शरीर में कमजोरी का आना।
    • जबड़े, गर्दन, पीठ या पेट में दर्द का होना।
    • सीने में भारीपन व दबाव का होना।
    • तेजी से धड़कन का चलना।
    • सीने में सूजन का आना।
    • सीने में दर्द व जलन की समाया होना।
    • चक्कर आना के साथ पसीने का आना।

     

     

    जाने हृदय रोग से होने वाली परेशानियों के बारे में

    ह्रदय रोग के कारण हमारे शरीर को कई प्रकार की समाया का सामना करना पड़ता है। जैसे

    दिल का दौरे की समस्या का होना
    अगर ह्रदय रोग का सही समय पर उपचार ना कराया जाये। तो हमारे व्यक्ति के शरीर को दिल का दौरे जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। क्यूकि ह्रदय रोग के द्वारा हमारे शरीर में रक्त का थक्का बनाने लगता है। जो हमारी रक्त वाहिका में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है। जिसके कारण व्यक्ति के शरीर को दिल का दौरा जैसी समस्या हो सकती है।

    स्ट्रोक जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ता है

    स्ट्रोक भी ह्रदय रोग के कारण ही व्यक्ति के शरीर में जन्म लेता है। ह्रदय रोग के कारण व्यक्ति के ह्रदय की धमनियां कमजोर या फिर बंद हो जाती है। जिसकी वजह से रक्त व्यक्ति के मस्तिष्क तक सही मात्रा में नही पहुँच पाता है। और मरीज को स्ट्रोक जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

    ह्रदय का बंद हो जाना जैसी समस्या

    ह्रदय रोग में सबसे अधिक व सबसे बड़ी समस्या ह्रदय का बंद हो जाने की वजह से होता है। यह समस्या तब होती है। जब किसी व्यक्ति का ह्रदय रक्त को पम्प करना बंद कर दे।

     

    जाने ह्रदय रोग के इलाज के बारे में

    ह्रदय रोग का इलाज स्टेज देख कर ही निर्धारित किया जाता है। तो आइये जानते है। इसके उपचार के बारे में।

    सही दवा का चुनाव करके ही सेवन करें

    ह्रदय रोग जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करे। और सलाह अनुशार दवा का नियम से सेवन करे। जिससे आपकी ह्रदय से जुडी समस्या का पूर्ण रूप से समाधान हो सके।

    सही समय पर सर्जरी की सहायता ले

    अगर किसी व्यक्ति को दवा के द्वारा भी समस्या का उपचार ना हो पा रहा है। तो आपको समय रहते सर्जरी जैसी प्रक्रिया का अपनाना चाहिये। सर्जरी के द्वारा हम अपनी सभी ह्रदय से जुडी समस्याओं का इलाज बहुत आसानी से कर सकते है।

    दिनचर्या में परिवर्तन लाये
    अगर आप ह्रदय रोग जैसी खतरनाक समस्या से बचना चाहते है। या फिर ह्रदय रोग को पूर्णरूप से खत्म करना चाहते है। तो आपको नियमित सही दिनचर्या का पालन करना चाहिये। आपको रोजाना सुबह उठकर टहलना चाहिये, संतुलित आहार का सेवन करे, नियमित योगा जरुर करे व धूम्रपान से दूर रहे।

    सही आहार का चुनाव करे
    यदि कोई व्यक्ति अपने रोजाना के जीवन में अधिक जंक फ़ूड या फिर तली भुनी चीजो का सेवन करता है। तो व्यक्ति को इससे ह्रदय रोग होने की अधिक संभावना रहती है। क्यूकि ऐसे भोजन में वसा व सोडियम की मात्रा अधिक रहती है। जिससे व्यक्ति के ह्रदय को बहुत नुकसान पहुँचता है।
     

    जाने ह्रदय रोग से बचाव के बारे में

    ह्रदय रोग से बचने के लिए व्यक्ति को कई प्रकार की सावधानी रखनी पड़ती है। जैसे धूम्रपान को हमेशा के लिए त्याग दें। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और शुगर जैसी समस्या का समय पर इलाज कराये। प्रतिदिन योगा करे। कम नमक व फैट वाले आहार का सेवन करे। तनाव मुक्त रहे। शरीर का वजन अधिक ना होने दे। जंक फ़ूड व फ़ास्ट फ़ूड का सेवन कम से कम करे। फलों के जूस का सेवन अधिक से अधिक करे। हरी सब्जियों का सेवन अधिक करे।

     

     

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